रांची में बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग यूनिट शुरू, महिलाओं को मिलेगा रोजगार

रांची : रांची नगर निगम ने पर्यावरण संरक्षण और प्रतिबंधित पॉलीथिन कैरी बैग के उपयोग को हतोत्साहित करने की दिशा में नई पहल की है। निगम ने नागा बाबा सब्जी बाजार में बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग निर्माण इकाई स्थापित की है। शुक्रवार को महापौर रोशनी खलखो और

बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग
निगम ने शुरू की बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग यूनिट

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रांची : रांची नगर निगम ने पर्यावरण संरक्षण और प्रतिबंधित पॉलीथिन कैरी बैग के उपयोग को हतोत्साहित करने की दिशा में नई पहल की है। निगम ने नागा बाबा सब्जी बाजार में बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग निर्माण इकाई स्थापित की है। शुक्रवार को महापौर रोशनी खलखो और उप महापौर नीरज कुमार ने इकाई का विधिवत उद्घाटन किया। नगर निगम के अनुसार, इस पहल से नागरिकों को पर्यावरण अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराने के साथ महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने में मदद मिलेगी।

महिला समूह संभालेंगी संचालन और विपणन

इकाई का संचालन एरिया लेवल फेडरेशन (ALF) से जुड़ी महिला सदस्यों द्वारा किया जाएगा। महिलाएं उत्पादन, इकाई के संचालन और तैयार पॉलीबैग के विपणन की जिम्मेदारी संभालेंगी। नगर निगम के मुताबिक, इससे महिला समूहों को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही उनके प्रबंधन, उद्यमिता और विपणन कौशल को विकसित करने में भी मदद मिलेगी।

40 किलो पॉलीबैग प्रति घंटे उत्पादन क्षमता

बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग के निर्माण में PVAT और Filler का इस्तेमाल किया जाएगा। दोनों कच्चे माल का उपयोग 7:3 के अनुपात में किया जाएगा। इकाई में लगी मशीन की उत्पादन क्षमता करीब 40 किलोग्राम पॉलीबैग प्रति घंटे है।

प्रति किलो उत्पादन लागत 140 रुपये

नगर निगम की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रति किलोग्राम पॉलीबैग की उत्पादन लागत 140 रुपये होगी, जबकि संभावित विक्रय मूल्य 160 रुपये प्रति किलोग्राम रखा गया है। इस हिसाब से प्रति किलोग्राम संभावित अधिशेष 20 रुपये होगा। 40 किलोग्राम प्रति घंटे की उत्पादन क्षमता के आधार पर प्रति घंटे संभावित बिक्री 6,400 रुपये और संभावित अधिशेष 800 रुपये बताया गया है। उत्पादन लागत में कच्चा माल, बिजली, श्रम और अन्य विविध खर्च शामिल हैं। वास्तविक अधिशेष उत्पादन और बिक्री की मात्रा पर निर्भर करेगा।

झारखंड में नगर निकाय की पहली पहल का दावा

रांची नगर निगम के अनुसार, झारखंड राज्य में किसी नगर निकाय द्वारा इस तरह की बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग निर्माण इकाई स्थापित करने की यह पहली पहल है। निगम का कहना है कि इस मॉडल के जरिए पर्यावरण संरक्षण और महिला आर्थिक सशक्तिकरण को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है। इससे बाजारों में पर्यावरण अनुकूल बैग के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और पारंपरिक प्लास्टिक बैग पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अन्य बाजारों तक विस्तार की संभावना

रांची नगर निगम के अनुसार, इस पहल को केवल एक निर्माण इकाई तक सीमित रखने का उद्देश्य नहीं है। भविष्य में इसकी सफलता के आधार पर शहर के अन्य बाजारों तक इसे विस्तार देने की संभावनाओं पर भी काम किया जा सकता है। निगम ने नागरिकों से प्रतिबंधित पॉलीथिन कैरी बैग का इस्तेमाल नहीं करने और खरीदारी के दौरान पर्यावरण अनुकूल एवं पुन: उपयोग किए जा सकने वाले विकल्पों को प्राथमिकता देने की अपील की है। उद्घाटन के मौके पर नगर आयुक्त सुशांत गौरव, अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार, सहायक नगर आयुक्त, नगर प्रबंधक और अन्य कर्मी मौजूद रहे।

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