बिहार: बिहार के सीवान जिले में पटाखा बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। जिले के बड़हरिया प्रखंड के जामो थाना क्षेत्र स्थित अल्मापुर गांव में हुए इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई है, जिसमें अभी तक छह लोगों की पहचान हो सकी है। धमाका इतना तेज था कि मकान की छत उड़ गई और लोगों के शरीर के टुकड़े दूर-दूर तक बिखर गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, विस्फोट के बाद करीब दो घंटे तक रुक-रुककर धमाके होते रहे। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
लोगों ने बताया कि अचानक तेज धमाके की आवाज सुनकर वे घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां पहुंचने पर देखा कि मकान की छत उड़ चुकी थी और लोगों के शरीर के टुकड़े बाहर बिखरे पड़े थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसी के पैर हिल रहे थे, तो किसी के सिर का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। लोग जब तक स्थिति को समझ पाते, तब तक एक और धमाका हो गया। इसके बाद मौके पर मौजूद लोग जान बचाकर भागने लगे। ग्रामीणों ने तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
विस्फोट के बाद मकान में भीषण आग लग गई। कुछ-कुछ देर पर धमाके होते रहे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं, लेकिन आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। तब तक मकान का बड़ा हिस्सा और उसमें रखा सामान तबाह हो चुका था। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और डॉक्टरों की टीम लगातार मौके पर मौजूद रही। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए दर्जनों एंबुलेंस बुलाई गईं। दो-तीन लोगों को अस्पताल भेजे जाने की जानकारी सामने आई, लेकिन उन्हें किस अस्पताल में भर्ती कराया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी प्रशासन की ओर से नहीं दी जा सकी।
रातभर चला बचाव अभियान, क्षत-विक्षत शवों की पहचान में लगी देर
विस्फोट इतना भयावह था कि मृतकों के शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे। शरीर के टुकड़े बिखरे होने के कारण मृतकों की पहचान करने में काफी समय लगा। विस्फोट में मरने वालों में एक ही परिवार के पांच सदस्य और दो मजदूर शामिल हैं। अब तक छह मृतकों की पहचान हो सकी है। इनमें अमरुद्दीन (62 वर्ष), उनकी पोतियां मुस्कान (22 वर्ष), खुशबू (21 वर्ष) और इशरत (18 वर्ष) शामिल हैं। इनके अलावा पड़ोसी फिरोज का बेटा अरशद (8 वर्ष) और मजदूर राजकुमार सिंह उर्फ भोला सिंह की पहचान हुई है। शवों के टुकड़ों को जोड़ने के बाद इन छह मृतकों की पहचान हो सकी। सातवें मृतक की पहचान नहीं हो पाने की स्थिति में डीएनए जांच कराई जाएगी।
इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को कुछ ही मिनटों में उजाड़ दिया। वर्षों की मेहनत से बनाया गया मकान चंद सेकेंड में तबाह हो गया। हादसे में परिवार के कई सदस्यों की मौत से गांव में मातम पसरा है। ग्रामीणों के मुताबिक, उन्होंने ऐसा भयावह मंजर पहले केवल फिल्मों में देखा था। विस्फोट के बाद से लोग दहशत में हैं।
10 साल पहले भी इसी घर से मिला था एक ट्रक पटाखा, प्रशासन पर उठे सवाल
विस्फोट के बाद मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटनास्थल पर प्रशासन और पुलिस की टीमें मौजूद हैं. जेसीबी की मदद से मलबा हटाया जा रहा है, ताकि विस्फोट से जुड़ी सामग्री और अन्य साक्ष्य जुटाए जा सकें। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि धमाका किन परिस्थितियों में हुआ और मकान में किस तरह पटाखे बनाए जा रहे थे। इस मामले में पटाखा निर्माण के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और संभावित लापरवाही की भी जांच जरूरी है।




