चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में प्राथमिक शिक्षा को अधिक प्रभावी और बच्चों के लिए रुचिकर बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे नवाचारों को पहचान मिलने लगी है। समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें ‘चेंज मेकर स्पॉटलाइट’ के लिए प्राप्त नामांकनों की समीक्षा की गई। बैठक में सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी और समिति के सदस्य उपस्थित थे।
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कक्षा 1 से 5 तक के नवाचारों का हुआ मूल्यांकन
बैठक के दौरान समिति ने शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और साधनसेवियों द्वारा विद्यालयों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों का मूल्यांकन किया। इसमें विशेष रूप से कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों की सीखने में सहभागिता बढ़ाने, पठन-पाठन को रोचक बनाने और विद्यालयी वातावरण में सुधार के लिए किए गए स्थानीय प्रयासों को प्राथमिकता दी गई।
157 नामांकनों में से 9 शिक्षकों का चयन
चेंज मेकर स्पॉटलाइट पहल के तहत जिले के 157 शिक्षकों ने अपने नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर नामांकन प्रस्तुत किया था। समिति ने प्राप्त विवरणों और कार्यों की गहन समीक्षा के बाद तीन अलग-अलग श्रेणियों में कुल नौ शिक्षकों का चयन किया। इनमें ‘कक्षा उत्प्रेरक’ श्रेणी में तीन, ‘वेल वेंडिंग चैंपियन’ श्रेणी में तीन तथा कक्षा से बाहर की गतिविधियों के माध्यम से पठन-पाठन को बेहतर बनाने वाली श्रेणी में तीन शिक्षकों का चयन किया गया है।
अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणा बनेंगे चयनित प्रयास
जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में किए जा रहे सफल प्रयोगों को सामने लाना और अन्य शिक्षकों को भी ऐसे नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित करना है। चयनित शिक्षकों के सफल प्रयासों को व्यापक स्तर पर साझा कर अन्य विद्यालयों में लागू किया जाएगा, जिससे बच्चों को सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिल सके।






