रांची: झारखंड लॉ ऑफिसर (एंगेजमेंट) नियमावली 2026 और इसके तहत जारी आवेदन आमंत्रण को चुनौती देते हुए झारखंड हाई कोर्ट में दायर रिट याचिका पर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने इस केस से सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए बोर्ड और निगम से जुड़े मामलों में अपना वकील नियुक्त करने की छूट दी है।
also read : बिहार MLC चुनाव के नतीजों से पहले जन सुराज के मैनेजर लापता, तलाश जारी
इस संबंध में हाईकोर्ट के अधिवक्ता लाल ज्ञान रंजन नाथ शाहदेव ने याचिका दायर की है। उनकी ओर से हाईकोर्ट की अधिवक्ता ऋतू कुमार ने पक्ष रखा। याचिका में नियमावली को कई आधारों पर चुनौती दी गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि पूर्व व्यवस्था के तहत कार्यरत एसोसिएट काउंसिल से बिना किसी स्पष्ट कारण और पर्याप्त औचित्य के अचानक अलग होने का निर्णय लिया गया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और जस्टिस मनोज प्रसाद की बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के इस फैसले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।




