कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अब नजरें 29 अप्रैल को होने वाले मतदान पर टिकी हैं. राजधानी कोलकाता सहित छह जिलों की 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे, जहां 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता 1,448 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे.
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस चरण में कुल 3,21,73,837 पंजीकृत मतदाता हैं. इनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिला और 792 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. सभी मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके.
दिलचस्प बात यह है कि इस चरण में उम्रदराज मतदाताओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिलेगी. 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के 3,243 मतदाता हैं, जबकि 85 वर्ष से ऊपर के 1,96,801 लोग भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इसके अलावा 146 एनआरआई और 39,961 सर्विस वोटर भी इस चुनाव में हिस्सा लेंगे.
राजनीतिक मैदान में कुल 1,448 उम्मीदवार उतरे हैं, जिनमें 1,228 पुरुष और 220 महिला प्रत्याशी शामिल हैं. हालांकि इस चरण में किसी भी सीट पर थर्ड जेंडर उम्मीदवार नहीं है.
सीटों के वर्गीकरण पर नजर डालें तो 142 में से 107 सामान्य श्रेणी की हैं, 34 अनुसूचित जाति और एक सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. दक्षिण 24 परगना जिले की भांगर सीट सबसे ज्यादा चर्चा में है, जहां 15 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि हुगली जिले की एक सीट पर सबसे कम पांच प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं.
मतदान केवल कोलकाता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नदिया, पूर्व बर्धमान, हुगली, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और हावड़ा जिलों में भी वोटिंग होगी. इसके लिए कुल 41,001 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 39,301 मुख्य और 1,700 सहायक केंद्र शामिल हैं. सभी केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है.
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. केंद्रीय बलों की 2,407 कंपनियां तैनात की गई हैं. इनके साथ पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के जवान भी मुस्तैद रहेंगे. अब सभी की नजर 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी है, जब चुनाव के नतीजे सामने आएंगे.



