रांची : राज्य में नियुक्ति परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के मामलों पर संज्ञान लेते हुए झारखंड सरकार ने बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। सरकार की इस बड़ी कार्रवाई के तहत JSSC-CGL समेत कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि JSSC-CGL के माध्यम से 1,932 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। इसके अलावा संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2023 और 2025 की नियमित एवं बैकलॉग परीक्षाओं को भी निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।
Read More : NEET PAPER LEAK CASE : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र सरकार बोली- फूलप्रूफ है परीक्षा प्रणाली
सिविल जज, कृषि अधिकारी और एजीडी की परीक्षाएं भी निरस्त
सरकार के इस फैसले से विभिन्न विभागों की परीक्षाएं प्रभावित हुई हैं। रद्द की गई अन्य प्रमुख परीक्षाओं में शामिल हैं :
सिविल जज
भूमि एवं मृदा संरक्षण अधिकारी
कृषि अधिकारी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Food Safety Officer)
दंत चिकित्सक (Dentist)
सहायक अभियंता (Assistant Engineer)
भूवैज्ञानिक व रसायनज्ञ
सहायक लोक अभियोजक (APP)
वर्ष 2014 से अब तक की 17 पुरानी परीक्षाओं की होगी जांच
पारदर्शिता बहाल करने के उद्देश्य से सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक आयोजित की गई 17 प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में संभावित गड़बड़ियों की जांच कराने का फैसला किया है। इसमें 5वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2013, विभिन्न सिविल जज भर्ती, भूविज्ञानी, डेंटिस्ट और सहायक अभियंता जैसी पुरानी परीक्षाएं शामिल हैं।
TDPL से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाएं भी रद्द, कुछ परीक्षाएं स्थगित
टीडूपीएल (TDPL) एजेंसी से जुड़ी मौजूदा भर्ती प्रक्रियाओं पर भी गाज गिरी है। विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों, सहायक निदेशक, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, पॉलिटेक्निक लेक्चरर और मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्तियां रद्द कर दी गई हैं। दूसरी ओर, फूड एनालिस्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन, डायरेक्टर, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज और बॉयलर इंस्पेक्टर जैसे पदों की चयन प्रक्रियाओं को रद्द करने के बजाय अगले आदेश तक स्थगित (Postponed) किया गया है। इन परीक्षाओं से जुड़ी बाहरी एजेंसियों की भूमिका की भी जांच होगी।
अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति, फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग
JPSC और JSSC की परीक्षा प्रणाली को पूर्णतः पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए सरकार ने त्रिस्तरीय सुधार योजना तैयार की है :
उच्चस्तरीय समिति : वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो दो महीने के भीतर अपनी विस्तृत सुधार रिपोर्ट सौंपेगी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट : परीक्षाओं से जुड़ी अनियमितताओं के मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए झारखंड हाईकोर्ट से विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का अनुरोध किया जाएगा।
आंतरिक निगरानी : दोनों आयोगों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने के लिए एक आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ (Internal Monitoring Cell) स्थापित किया जाएगा।








