नैनीताल: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मंगलवार को सैनिक स्कूल घोराखाल में नवनिर्मित ‘बछेंद्री पाल गर्ल्स हॉस्टल’ का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह स्कूल की उस यात्रा में महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसका उद्देश्य गर्ल कैडेट्स को समान अवसर और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। नवनिर्मित हॉस्टल का निर्माण रक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली से मिली 3,30,30,303 रुपये की ग्रांट से किया गया है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह हॉस्टल गर्ल कैडेट्स को सुरक्षित और सहयोगी वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, ताकि वे पढ़ाई और प्रशिक्षण पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकें।
2018-19 में शुरू हुई थी पहल
सैनिक स्कूलों में लड़कियों को शामिल करने की ऐतिहासिक पहल शैक्षणिक सत्र 2018-19 में मिजोरम के सैनिक स्कूल छिंगछिप में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई थी। इसके बाद देश के अन्य सैनिक स्कूलों में भी गर्ल कैडेट्स के लिए अवसर बढ़ाए गए। सैनिक स्कूल घोराखाल में लड़कियों को पहली बार शैक्षणिक सत्र 2020-21 में प्रवेश दिया गया था। उस समय पहले बैच में सात गर्ल कैडेट्स शामिल हुई थीं। इसके बाद यह संख्या बढ़कर अब 58 हो गई है। इसे सैनिक स्कूल व्यवस्था में लड़कियों की बढ़ती भागीदारी के तौर पर देखा जा रहा है।
बछेंद्री पाल के नाम पर रखा गया हॉस्टल
नए गर्ल्स हॉस्टल का नाम प्रसिद्ध भारतीय पर्वतारोही बछेंद्री पाल के नाम पर रखा गया है। बछेंद्री पाल माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला हैं। हॉस्टल का यह नाम साहस, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता की भावना का प्रतीक माना गया है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि लड़कियों को समान अवसर और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधाओं के जरिए बेटियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और ‘विकसित भारत 2047’ में योगदान देने के लिए तैयार किया जा रहा है।







