रांची : जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच के अध्यक्ष डॉ. बीरेन्द्र कुमार महतो ने अपने पद से स्वैच्छिक त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा मंच के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार तिर्की को सौंप दिया है। पद छोड़ने के पीछे उन्होंने अपरिहार्य व्यक्तिगत और संस्थागत परिस्थितियों को मुख्य कारण बताया है।
पद में नहीं, सामूहिक प्रतिबद्धता में निहित है शक्ति
त्यागपत्र देने के बाद डॉ. महतो ने कहा कि किसी भी सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था की असली शक्ति पद में नहीं, बल्कि उसके उद्देश्यों, सामूहिक प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और रचनात्मक कार्यप्रणाली में निहित होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह निर्णय किसी व्यक्ति विशेष के प्रति असहमति या व्यक्तिगत असंतोष का परिणाम नहीं है।
भाषा और संस्कृति के लिए जारी रहेगा योगदान
डॉ. बीरेन्द्र महतो ने दोहराया कि पद से अलग होने के बावजूद जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं, साहित्य, संस्कृति और अस्मिता के संरक्षण व संवर्धन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पहले की तरह बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर वे मंच के सहयोगी और शुभचिंतक के रूप में अपना योगदान लगातार देते रहेंगे।







