रांची : राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC, JSSC-CGL परीक्षाओं में कथित धांधली की CBI जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। इस बीच बुधवार को आंदोलन में एक बड़ा मोड़ सामने आया। लद्दाख के जाने-माने शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के माध्यम से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से सीधी बातचीत की। बातचीत के दौरान सोनम वांगचुक ने छात्रों के संघर्ष का पुरजोर समर्थन करते हुए उनके जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि छात्र कोई निजी मांग नहीं कर रहे, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करे और त्वरित समाधान निकाले।
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“सत्याग्रह का मकसद जिंदा रहकर लड़ना है, जान देना नहीं”
अनशन के कारण देवेंद्र नाथ महतो की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए सोनम वांगचुक ने उनसे अनशन के दौरान कम से कम जल, नमक और नींबू ग्रहण करने की अपील की। उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह का उदाहरण देते हुए कहा कि विरोध का उद्देश्य सरकार की चेतना को जगाना होता है, अपने जीवन को खतरे में डालना नहीं। सोनम वांगचुक ने कहा, “लंबी लड़ाई लड़ने के लिए आपका स्वस्थ और जीवित रहना बेहद जरूरी है। यदि आप मुझे अपना आदर्श मानते हैं, तो मेरा आग्रह स्वीकार करें और कम से कम जल ग्रहण करें।”
सोनम वांगचुक के आश्वासन पर देवेंद्र महतो ने पिया पानी
देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि 25 जुलाई से जारी सत्याग्रह के बीच वे 2 अगस्त से अन्न और जल दोनों का त्याग कर चुके थे, जिससे उनका शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर काफी गिर गया था। सोनम वांगचुक द्वारा आंदोलन को आगे भी लगातार मार्गदर्शन और समर्थन देने का भरोसा मिलने के बाद देवेंद्र महतो ने उनके आग्रह को स्वीकार कर लिया। इसके बाद उन्होंने वीडियो कॉल पर ही सोनम वांगचुक की मौजूदगी में जल ग्रहण किया और कहा कि जल ग्रहण करने के बावजूद उनका अनशन और शांतिपूर्ण आंदोलन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा।




