जमशेदपुर में QR कोड आधारित डिजिटल बीट पुलिसिंग शुरू, ऑनलाइन होगी निगरानी

जमशेदपुर : अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से जमशेदपुर पुलिस ने सोमवार को QR कोड आधारित डिजिटल बीट पुलिसिंग प्रणाली की औपचारिक शुरुआत की। इस नई व्यवस्था के जरिए अब पुलिस गश्त की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी,

डिजिटल बीट पुलिसिंग

जमशेदपुर : अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से जमशेदपुर पुलिस ने सोमवार को QR कोड आधारित डिजिटल बीट पुलिसिंग प्रणाली की औपचारिक शुरुआत की। इस नई व्यवस्था के जरिए अब पुलिस गश्त की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे शहर और ग्रामीण इलाकों में पुलिस बल की सक्रियता हर वक्त सुनिश्चित हो सकेगी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) एहतेशाम वकारिब, ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल, सिटी एसपी ललित कुमार मीणा सहित जिले के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को QR कोड स्कैनिंग, डिजिटल रिकॉर्डिंग और बीट मॉनिटरिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।

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जिले के 206 बीट क्षेत्रों में तैनात होंगे बीट अधिकारी

नई व्यवस्था के तहत पूरे जमशेदपुर जिले को 206 बीट क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। इसमें 102 शहरी और 104 ग्रामीण बीट शामिल हैं। प्रत्येक बीट में एक बीट पदाधिकारी की तैनाती की गई है, जो अपने क्षेत्र में नियमित गश्त करने, स्थानीय नागरिकों से संवाद बनाने, सूचनाएं जुटाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।

संवेदनशील स्थानों और बाजारों में लगे QR कोड

जमशेदपुर पुलिस ने बीते पांच वर्षों के आपराधिक आंकड़ों का विश्लेषण कर ऐसे स्थानों की पहचान की है, जहां अपराध की संभावना अधिक रहती है। इन संवेदनशील इलाकों के अलावा प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और परिवहन केंद्रों पर QR कोड लगाए गए हैं, ताकि गश्त की वास्तविक लोकेशन डिजिटल रूप से दर्ज हो सके।

हर शिफ्ट में दो बार स्कैन करना होगा QR कोड

नई नियमावली के अनुसार टैंगो वाहन, पीसीआर (PCR) और थाना गश्ती दल को प्रत्येक ड्यूटी शिफ्ट के दौरान तय QR कोड को कम से कम दो बार स्कैन करना होगा। इसके अलावा बीट पदाधिकारियों को प्रतिदिन पैदल या बाइक से अपने क्षेत्र का दौरा करना अनिवार्य होगा। विशेष तौर पर शाम 5 बजे से रात 8 बजे के बीच क्षेत्र में उनकी मौजूदगी पर वरिष्ठ अधिकारियों का विशेष ध्यान रहेगा। जैसे ही QR कोड स्कैन होगा, गश्त का समय और स्थान डिजिटल पोर्टल पर दर्ज हो जाएगा। इससे वरिष्ठ अधिकारी सीधे निगरानी कर सकेंगे, जिससे गश्ती दल की जवाबदेही बढ़ेगी और किसी भी घटना पर पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो पाएगी।

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