जामताड़ा : झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की बीती देर रात जामताड़ा जिले में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल ले जाते समय उसने एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर पुलिस पर फायरिंग करने का प्रयास किया, जिसके बाद आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। साहिबगंज के एसपी अमित सिंह और जामताड़ा के एसपी शंभु सिंह ने गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के मारे जाने की पुष्टि की है।
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जेल शिफ्टिंग के दौरान हुआ घटनाक्रम
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जेल शिफ्टिंग का आदेश जारी होने के बाद सुजीत सिन्हा को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच साहिबगंज जेल से धनबाद जेल ले जाया जा रहा था। जामताड़ा के रास्ते में पुलिस वाहन का टायर पंचर हो गया। इसके बाद सुरक्षा बल सुजीत सिन्हा को दूसरी गाड़ी में बैठाने की प्रक्रिया में जुटे थे। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान उसने मौके का फायदा उठाते हुए एक जवान की सर्विस राइफल छीन ली और पुलिस पर गोली चलाने का प्रयास किया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मौत
पुलिस के अनुसार, सुजीत सिन्हा के फायरिंग के प्रयास के बाद जवानों ने आत्मरक्षा में तत्काल जवाबी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में सुजीत सिन्हा मारा गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे घटनाक्रम के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। साहिबगंज एसपी अमित सिंह और जामताड़ा एसपी शंभु सिंह ने सुजीत सिन्हा की मौत की पुष्टि की है।
झारखंड का कुख्यात अपराधी था सुजीत सिन्हा
सुजीत सिन्हा झारखंड के सबसे कुख्यात अपराधियों में गिना जाता था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, फायरिंग, आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज थे। जेल में बंद रहने के बावजूद उस पर अपने गैंग का संचालन करने और रंगदारी व अन्य आपराधिक गतिविधियों को जेल के भीतर से निर्देशित करने के आरोप थे। उसका नेटवर्क धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची और आसपास के कई जिलों तक फैला हुआ था।
लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि सुजीत सिन्हा जेल से मोबाइल और अपने गुर्गों के माध्यम से आपराधिक गतिविधियों का संचालन कर रहा है। इसी कारण सुरक्षा कारणों और प्रशासनिक निर्णय के तहत उसे साहिबगंज जेल से धनबाद जेल स्थानांतरित किया जा रहा था।




