शंघाई, (चीन): सोशल मीडिया पर एक फिटनेस इन्फ्लुएंसर की सलाह मानकर चीन के एक ट्रक चालक ने वजन बढ़ाने वाली महंगी गोलियां खरीद लीं, लेकिन अपेक्षित लाभ मिलने के बजाय उसकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। चीन के शंघाई शहर में रहने वाले इस ट्रक चालक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, 63 किलोग्राम वजन वाले लियू नामक व्यक्ति ने एक लोकप्रिय फिटनेस इन्फ्लुएंसर की लाइव स्ट्रीमिंग देखकर वजन बढ़ाने वाले सप्लीमेंट्स खरीदने का फैसला किया था। इन्फ्लुएंसर ने दावा किया था कि यह उत्पाद न केवल वजन बढ़ाने में मदद करेगा बल्कि शरीर के समग्र स्वास्थ्य में भी उल्लेखनीय सुधार लाएगा। इन चमकदार दावों से प्रभावित होकर लियू ने लगभग 1 लाख 26 हजार रुपये मूल्य की गोलियां खरीद लीं और उनका सेवन शुरू कर दिया।
हालांकि, कुछ ही दिनों में उनके शरीर में कई तरह की विपरीत समस्याएं दिखाई देने लगीं। उन्हें लगातार गैस बनने, पेट फूलने, चक्कर आने और मतली जैसी शिकायतें होने लगीं। इसके अलावा बार-बार पेशाब आने की समस्या भी बढ़ गई। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि वजन बढ़ने के बजाय एक महीने के भीतर उनका वजन करीब 6.5 किलोग्राम कम हो गया। हालत लगातार बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां चिकित्सकों ने उनकी विस्तृत जांच शुरू की।
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग और बिना चिकित्सकीय सलाह के सप्लीमेंट्स के उपयोग को लेकर बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने सवाल उठाया है कि स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों का प्रचार करते समय प्रभावशाली व्यक्तियों की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए। वहीं, कुछ लोगों ने उपभोक्ताओं को भी ऐसे दावों पर आंख बंद करके भरोसा न करने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के वजन बढ़ाने वाले सप्लीमेंट्स लेना जोखिम भरा हो सकता है। कई उत्पादों में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पाचन तंत्र, हार्मोन संतुलन और अन्य शारीरिक प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ मामलों में इनमें अनियंत्रित या प्रतिबंधित पदार्थ भी शामिल हो सकते हैं, जिनसे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और चिकित्सकीय परामर्श सबसे सुरक्षित विकल्प हैं। लियू का मामला इस बात की चेतावनी है कि त्वरित परिणामों के लालच में लिए गए फैसले कई बार स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।




