कहा कि यह देश के दुर्भाग्यपूर्ण फैसलों में से एक होगा
रांची/ देवघर। सांसद निशिकांत दुबे ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह देश के दुर्भाग्यपूर्ण फैसलों में से एक होगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को आंदोलन में ना भेजें। यदि बच्चे देश के आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर बनना चाहते हैं तो उन्हें घर में रहकर पढ़ाई करने दें।
उन्होंने कहा कि आज वह गांव के एक स्कूल से पढ़ कर देश के सांसद बने हैं। कई विदेश के सांसदों से अपने आप को कम नहीं समझते हैं। जिसके लिए वह मेहनत करते हैं और आज भी वह प्रतिदिन पढ़ाई करते हैं। कहा कि धर्मेंद्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कई परिवर्तन किए हैं। इसीलिए उन्होंने किसी के दबाव में आकर इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि बच्चों के बीच में कंफ्यूजन को दूर करने के लिए उन्होंने उनके जिद को पूरा किया है।
उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अच्छा काम किया है। अपने कार्यकाल के दौरान NEET परीक्षा को बेहतर और पारदर्शिता के साथ आयोजित कराया। हालांकि, कभी-कभी अभिभावकों को बच्चों की जिद के आगे झुकना पड़ता है, इसीलिए उन्होंने इस्तीफा दिया है.
इस बीच, निशिकांत दुबे ने JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) मामले में चल रही कार्रवाई को लेकर झारखंड सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यहां की सरकार चोर है। इसलिए चोर प्रवृति वाले लोगों का समर्थन करती है।
[उन्होंने कहा कि धांधली के कारण JPSC चेयरमैन एल. खियांग्ते को तो हटाया गया, लेकिन तीन अन्य अधिकारी भी इसमें शामिल हैं जिन पर कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि नीचे बैठे अधिकारी ही जेपीएससी के कार्यों में धांधली कर रहे हैं।
छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने में शामिल है, उसे फांसी पर लटका देना चाहिए
JPSC मामले में पोड़ैयाहाट में एक डीएसओ की गिरफ्तारी और इसमें भाजपा कार्यकर्ताओं की कथित संलिप्तता पर बात करते हुए गोड्डा सांसद ने साफ तौर पर कहा कि जो कोई भी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने में शामिल है, उसे फांसी पर लटका देना चाहिए।



