राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला, चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार

अयोध्या : श्रीराम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावा चोरी मामले और उससे जुड़े विवादों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। ट्रस्ट की आपातकालीन बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया

ट्रस्ट

अयोध्या : श्रीराम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावा चोरी मामले और उससे जुड़े विवादों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। ट्रस्ट की आपातकालीन बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। दोनों ने चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद अपने पदों से त्यागपत्र दिया था।

read more : पहलगाम हमले में हाफिज सईद पर NIA का शिकंजा, सप्लीमेंट्री चार्जशीट में कई बड़े खुलासे

महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में हुई बैठक में ट्रस्ट के 15 में से नौ सदस्य प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे, जबकि दो सदस्य वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। बैठक का प्रमुख एजेंडा दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफे पर निर्णय लेना था।

चढ़ावा चोरी पर ट्रस्ट ने जताया खेद

बैठक में ट्रस्ट के कई सदस्यों और संतों ने चढ़ावा चोरी मामले पर नाराजगी जताई। ट्रस्ट ने दान प्रबंधन में हुई चूक पर खेद व्यक्त करते हुए वित्तीय व्यवस्था में कमी स्वीकार की। बैठक में ट्रस्ट के पुनर्गठन और भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ, स्वामी परमानंद, कृष्णमोहन, कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि और अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि ने बैठक के बाद बताया कि ट्रस्ट ने चंपत राय और डॉ. अनिल कुमार मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और अब दोनों ट्रस्ट का हिस्सा नहीं रहेंगे।

एसआईटी जांच के बाद हुई कार्रवाई

चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। 15 जून से एसआईटी ने ट्रस्ट पदाधिकारियों और मंदिर कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की तथा दान में मिले आभूषणों और नकदी से जुड़े रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच की। 23 जून को एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी। रिपोर्ट में चंपत राय, डॉ. अनिल कुमार मिश्रा, व्यवस्थापक गोपाल राव समेत करीब 150 लोगों के बयान दर्ज किए गए। जांच के दौरान कई लोगों से दोबारा पूछताछ भी की गई।

read more : योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम अब होगा परशुराम पुरी

आठ आरोपी गिरफ्तार, एफआईआर दर्ज

25 जून को ट्रस्ट की शिकायत पर अयोध्या की रामजन्मभूमि कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई। मामले में अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, राजेश पाठक, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटे बाद ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अब तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 27 जून को विवाद गहराने के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 28 जून को पुलिस ने छह आरोपियों के सात अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए।

ट्रस्ट के पुनर्गठन की चर्चा तेज

चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट के पुनर्गठन की संभावना भी तेज हो गई है। एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और किसी प्रशासनिक अधिकारी को मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने की आवश्यकता बताई है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, महाकुंभ के दौरान रामलला को मिलने वाले चढ़ावे में बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन बाद में बैंक में जमा होने वाली राशि में कमी देखे जाने पर चोरी की आशंका पैदा हुई। इसी के बाद मामले की जांच शुरू की गई।

read more : नेमार ने इंटरनेशनल फुटबॉल से लिया संन्यास, वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होते ही किया ऐलान

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *