रांची: झारखण्ड में वर्ष 2019 से पूर्व पंजीकृत वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगवाने में परिवहन सचिव को लिखा पत्र को हो रही परेशानियों को देखते हुए फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने परिवहन सचिव, झारखण्ड सरकार को पत्राचार कर इस समस्या के समाधान की मांग की।
विदित हो कि झारखण्ड चैंबर को लगातार व्यावसायिक वाहन संचालकों से शिकायतें मिल रही थीं कि पुराने वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाने के लिए राज्य में समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। विशेषकर व्यावसायिक वाहन मालिकों को एचएसआरपी के अभाव में फिटनेस प्रमाण-पत्र के नवीनीकरण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, झारखण्ड से बाहर अन्य राज्यों में आवागमन के दौरान जांच में एचएसआरपी नहीं होने पर जुर्माना भी भरना पड़ रहा है। इससे वाहन संचालकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने कहा कि व्यवसायियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद चैंबर ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 16 जून 2026 को जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2019 से पूर्व के वाहनों में भी वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराई गई एचएसआरपी उनके अधिकृत डीलरों के माध्यम से लगाई जा सकती है। इसके लिए राज्य सरकार अथवा केंद्रशासित प्रदेश से अलग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब नई गाड़ियों में अधिकृत डीलरों के माध्यम से एचएसआरपी लगाने की व्यवस्था उपलब्ध है, तो पुराने वाहनों के लिए भी इसी प्रकार की सुविधा सुनिश्चित की जानी चाहिए। परिवहन विभाग को सभी संबंधित वाहन निर्माता कंपनियों एवं उनके अधिकृत डीलरों को आवश्यक निर्देश जारी करना चाहिए, ताकि वाहन मालिक अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी अधिकृत डीलरशिप से एचएसआरपी लगवा सकें।
चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने से हजारों वाहन मालिकों को राहत मिलेगी। विशेषकर व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस नवीनीकरण में आ रही बाधाएं दूर होंगी और दूसरे राज्यों में एचएसआरपी के अभाव में होने वाली जुर्माने की कार्रवाई से भी बचाव होगा। चैंबर ने विभागीय सचिव से इस मामले में शीघ्र निर्णय लेकर राज्यभर में एक व्यावहारिक व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया। चैम्बर द्वारा पत्र की प्रति परिवहन आयुक्त, जिला परिवहन पदाधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन पदाधिकारी को भी प्रेषित की गई है। यह जानकारी चैंबर प्रवक्ता विनीता सिंघानिया ने दी।
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