रांची : झारखंड में सहायक आचार्य की बहाली एक बार फिर चर्चा में आ गई है। भाषा विषय के शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर JSSC ने प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त परीक्षा-2023 का संशोधित रिजल्ट जारी कर दिया है। कक्षा छह से आठ तक के भाषा शिक्षक पद के लिए जारी इस नए रिजल्ट में कुल 1265 अभ्यर्थी पास हुए हैं। आयोग ने मंगलवार को नया रिजल्ट जारी करते हुए पहले वाला रिजल्ट भी रद्द कर दिया है। इस बदलाव से उन शिक्षकों की परेशानी बढ़ सकती है, जो पुराने रिजल्ट के आधार पर स्कूलों में योगदान दे चुके हैं। अब देखना होगा कि संशोधित रिजल्ट के बाद उनकी नौकरी पर क्या असर पड़ता है।
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भाषा विषय का संशोधित रिजल्ट क्यों जारी हुआ?
भाषा विषय के परिणाम में बदलाव आरक्षण श्रेणी के अभ्यर्थियों को उनकी मेरिट के आधार पर सामान्य श्रेणी में शामिल करने से जुड़े न्यायिक विवाद के बाद हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के 17 सितंबर 2026 के आदेश के अनुपालन में आयोग ने संशोधित परिणाम जारी किया है। नए परिणाम में 1265 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। इनमें पहले से नियुक्त शिक्षक भी शामिल हो सकते हैं, जबकि कुछ कार्यरत शिक्षकों का नाम संशोधित सूची में नहीं है।
पुराने परिणाम से नियुक्त शिक्षकों की सेवा पर क्या होगा?
संशोधित परिणाम के बाद नियुक्ति प्रक्रिया में दो तरह की स्थिति सामने आई है। नए परिणाम में सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जानी है। वहीं, पुराने परिणाम के आधार पर नियुक्त होकर काम कर रहे ऐसे शिक्षकों की सेवा पर विभाग को फैसला लेना होगा, जिन्हें संशोधित परिणाम में सफलता नहीं मिली है। फिलहाल पहले से कार्यरत और संशोधित परिणाम में सफल घोषित अभ्यर्थियों के काम जारी रखने की बात कही गई है। भाषा विषय के पिछले परिणाम में 1100 से अधिक अभ्यर्थी सफल हुए थे और वे वर्तमान में कार्यरत हैं।
रांची जिले से सबसे अधिक 155 अभ्यर्थी सफल
संशोधित परिणाम में रांची जिले से सबसे अधिक 155 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। इसके बाद पलामू से 130, हजारीबाग से 66, गढ़वा से 65, बोकारो और देवघर से 64-64, चतरा से 62, गोड्डा से 59, धनबाद से 58, सरायकेला-खरसावां से 56 और गुमला से 55 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। शेष जिलों के अभ्यर्थियों को मिलाकर कुल सफल अभ्यर्थियों की संख्या 1265 है। आयोग ने बताया है कि कुछ अभ्यर्थियों के परिणाम न्यायालय में लंबित मामलों, रिक्तियों से जुड़े विवाद और अनिवार्य प्रमाण पत्र या दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण रोके गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई
संशोधित परिणाम जारी होने के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ा मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका पर सुनवाई निर्धारित है। तुलसी महतो और अनिल कुमार यादव की ओर से दायर याचिका में पूर्व के आदेश का पूर्ण अनुपालन नहीं होने का मुद्दा उठाया गया है। पिछली सुनवाई में अदालत ने सरकार और आयोग को चार सप्ताह के भीतर संशोधित परिणाम जारी करने का निर्देश दिया था। वहीं, राज्य सरकार ने इसके लिए आठ सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था। आज की सुनवाई में इस मांग पर भी विचार हो सकता है।
नियुक्ति और सेवा पर विभाग का फैसला अहम
संशोधित परिणाम में सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं, पुराने परिणाम के आधार पर नियुक्त ऐसे शिक्षकों की सेवा और भविष्य को लेकर विभाग जल्द निर्णय लेगा, जिन्हें नए परिणाम में सफलता नहीं मिली है। फिलहाल पहले से नियुक्त और संशोधित परिणाम में सफल घोषित अभ्यर्थी अपने पद पर काम करते रहेंगे। अब अदालत की सुनवाई और विभाग के फैसले से नियुक्त शिक्षकों की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।



