नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रीय एकता दिवस (राष्ट्रीय एकता दिवस) के मौके पर उन्होंने देश के राजनीतिक एकीकरण और राष्ट्र निर्माण में पटेल के योगदान को याद किया। नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में सत्ता संभालने के बाद से सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश को एकजुट करने में पटेल की अहम भूमिका थी और इसी वजह से उन्हें एक अखंड भारत का निर्माता माना जाता है।
अमित शाह ने कहा, ”कई वर्षों तक भारत ने सरदार साहब को उनके योगदान के लिए वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे वास्तव में हकदार थे। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा सरदार साहब की स्मृतियों को मिटाने की कोशिश की है। हालांकि, सूरज की चमक को छिपाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा, ”जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने ”स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण कराकर सरदार साहब की विरासत को पूरे देश के सामने मजबूती से स्थापित किया। यह विशाल प्रतिमा आसमान की ऊंचाइयों को छूती है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ”पीएम मोदी आज वहीं से देशभर की पुलिस की परेड की सलामी लेकर आज शाम 4:30 बजे राष्ट्रीय एकता का संदेश देने वाले हैं। आज देशभर में राष्ट्रीय एकता दौड़ होने वाली है।” इसके बाद संबोधन के अंत में केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई।
सरदार ने वो कर दिखाया, जो लगता था असंभव
शाह ने कहा, “जब भारत आजाद हुआ था, तब दुनिया के राजनीतिक विशेषज्ञों ने भविष्यवाणी की थी कि भारत बिखर जाएगा। लेकिन आजादी के बाद के 1,218 दिनों में सरदार पटेल ने वह कर दिखाया, जिसे सभी असंभव मानते थे। यह ऐसा काम था, जिसे शायद नेताओं का एक समूह भी मिलकर पूरी जिंदगी में नहीं कर पाता। सरदार पटेल ने सिर्फ 1,218 दिनों में एकजुट भारत का निर्माण किया। सरदार पटेल का परिकल्पित और निर्मित भारत आज दुनिया के सामने गर्व से खड़ा है।
देश की राजनीतिक और भौगोलिक सीमाओं को आकार देने में सरदार पटेल की भूमिका का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि उनका योगदान सिर्फ रियासतों के विलय तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने देश की क्षेत्रीय अखंडता को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई।
अखंड भारत के नक्शे के निर्माता हैं सरदार पटेल
शाह ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि जब से प्रधानमंत्री मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं, तब से हम सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मना रहे हैं। वह एक महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने न केवल देश का इतिहास बदला, बल्कि उसके भूगोल को भी आकार दिया। कई रियासतों को एकजुट करने के कठिन काम को पूरा करते हुए उन्होंने सभी को एक सूत्र में पिरोया। सरदार साहब आज हमारे सामने मौजूद अखंड भारत के नक्शे के निर्माता बने।”
उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने सिर्फ भारत के भौगोलिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक एकीकरण के प्रयासों को सफल नहीं बनाया, बल्कि इन सभी को एक साथ जोड़कर देश को एक एकजुट राष्ट्र का रूप दिया।” इस अवसर पर अमित शाह ने मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम से ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाई।
देश में विविधता हमारी कमजोरी नहीं, मजबूती
उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री ने जो विकसित भारत की कल्पना की है, उसका पहला चरण नशामुक्त भारत है। पीएम मोदी के कार्यकाल में कई निर्णायक काम हुए हैं, जिनमें धारा 370 हटाना, कश्मीर को हमेशा के लिए भारत के साथ जोड़ना, देश से नक्सलवाद समाप्त करना, एक देश, एक कर प्रणाली लागू करना शामिल है। इसके साथ ही कई और बड़े काम हुए हैं।
अमित शाह ने कहा, ”देश में भाषाई, सांस्कृतिक और पारंपरिक विविधता हमारी कमजोरी नहीं, हमारी मजबूती है। यही सरदार पटेल का संदेश था। सोमनाथ के मंदिर के निर्माण की कल्पना भी सरदार पटेल ने की थी। आज पीएम मोदी के नेतृत्व में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत देश को विश्व की अंतरराष्ट्रीय तालिकाओं में प्रथम स्थान की दिशा में आगे ले जा रहा है।



