भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से विदा हो गया है। इसी दिन दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में पूर्वोत्तर मानसून की बारिश भी शुरू हो गई। मौसम विभाग के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे में पूर्वोत्तर मानसून की गतिविधियां दर्ज की गईं।
भारत में मानसून के दो प्रमुख चरण
भारत में मानसून के दो प्रमुख चरण होते हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून जून से सितंबर तक सक्रिय रहता है, जबकि पूर्वोत्तर मानसून को लौटता हुआ मानसून भी कहा जाता है। यह अक्टूबर से दिसंबर के बीच देश के कुछ हिस्सों को प्रभावित करता है।
भारत में मानसून के दो प्रमुख चरण होते हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून जून से सितंबर तक सक्रिय रहता है, जबकि पूर्वोत्तर मानसून को लौटता हुआ मानसून भी कहा जाता है। यह अक्टूबर से दिसंबर के बीच देश के कुछ हिस्सों को प्रभावित करता है।
दिसंबर में चरम पर पहुंच सकता है अल नीनो
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) सहित वैश्विक मौसम एजेंसियों के पूर्वानुमान के अनुसार, इस साल अल नीनो दिसंबर 2026 में चरम पर पहुंच सकता है। यह 1950 में अवलोकन शुरू होने के बाद से सबसे मजबूत अल नीनो घटनाओं में से एक हो सकता है। पूर्वानुमान के मुताबिक, अल नीनो की स्थिति फरवरी 2027 तक बनी रह सकती है।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) सहित वैश्विक मौसम एजेंसियों के पूर्वानुमान के अनुसार, इस साल अल नीनो दिसंबर 2026 में चरम पर पहुंच सकता है। यह 1950 में अवलोकन शुरू होने के बाद से सबसे मजबूत अल नीनो घटनाओं में से एक हो सकता है। पूर्वानुमान के मुताबिक, अल नीनो की स्थिति फरवरी 2027 तक बनी रह सकती है।



