रांची: झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने हजारीबाग जिले में लंबे समय से संविदा के आधार पर कार्यरत एंबुलेंस चालकों के नियमितीकरण से संबंधित मामले में प्रतिवादी (सिविल सर्जन, हजारीबाग) को 12 सप्ताह के भीतर नियमितीकरण की प्रक्रिया पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
याचिकाकर्ता संतोष कुमार एवं अन्य की नियुक्ति वर्ष 2008 में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत एंबुलेंस चालक के रूप में हुई थी। नियुक्ति के बाद से ही ये सभी चालक लगातार संविदा के आधार पर अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। लगभग 18 वर्षों से अधिक समय तक सेवा देने के बावजूद इनके नियमितीकरण का मामला लंबित रहा।
इस मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने लंबे समय से सेवा दे रहे एंबुलेंस चालकों के नियमितीकरण का मामला न्यायालय के समक्ष उठाया। जिसके बाद कोर्ट ने प्रतिवादी सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, हजारीबाग को 12 सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
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