सीवान: जिले के गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र के सरारी गांव में पूर्व विवाद को लेकर हुए दिलीप कुमार पांडेय हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं समेत चार नामजद आरोपितों को गिरफ्तार किया है। साथ ही घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने शुक्रवार को बताया कि 2 जुलाई को सरारी गांव में पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद के दौरान दिलीप कुमार पांडेय और नीतू देवी पर चाकू से हमला किया गया था। दोनों को गंभीर हालत में सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान दिलीप कुमार पांडेय की मौत हो गई।
वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हुई जांच
एसपी ने बताया कि मृतक के परिजन की शिकायत पर गोरेयाकोठी थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक और महाराजगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।
चार आरोपित गिरफ्तार, हथियार भी बरामद
एसपी पूरन कुमार झा के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर मामले में संलिप्त चार नामजद आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपितों में सरारी गांव निवासी पंकज कुमार तिवारी और चंद्रशेखर तिवारी शामिल हैं। इसके अलावा मामले में संलिप्त दो महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो दाब, एक हंसिया और एक कुल्हाड़ी बरामद की है।
फरार आरोपितों की तलाश जारी
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले में फरार अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में जी.बी. नगर थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, बसंतपुर थानाध्यक्ष राजू कुमार, गोरेयाकोठी थानाध्यक्ष मनीष कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



