BIT मेसरा का 36वां दीक्षांत समारोह, 2,984 विद्यार्थियों को मिली डिग्री

रांची : बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT), मेसरा में 36वां दीक्षांत समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया। इस दौरान स्नातक, पोस्ट ग्रेजुएट, डॉक्टरेट और डिप्लोमा कोर्स के कुल 2,984 छात्र-छात्राओं को डिग्री और डिप्लोमा दिया गया। डिग्री मिलते ही विद्यार्थियों के लिए अपने करियर की

BIT मेसरा
फोटो कैप्शन : बाएं से दाएं - प्रो. इंद्रनील मन्ना, कुलपति, बीआईटी मेसरा और डॉ. अजीत कुमार मोहंती, अध्यक्ष, परमाणु ऊर्जा आयोग एवं सचिव, भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग।

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रांची : बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT), मेसरा में 36वां दीक्षांत समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया। इस दौरान स्नातक, पोस्ट ग्रेजुएट, डॉक्टरेट और डिप्लोमा कोर्स के कुल 2,984 छात्र-छात्राओं को डिग्री और डिप्लोमा दिया गया। डिग्री मिलते ही विद्यार्थियों के लिए अपने करियर की नई पारी शुरू करने का रास्ता खुल गया। समारोह में भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष और परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. अजीत कुमार मोहंती मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। वहीं, BIT मेसरा के चांसलर सी.के. बिरला और वाइस चांसलर प्रो. इंद्रनील मन्ना भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस खास मौके पर संस्थान के शिक्षक, विद्यार्थी, पूर्व छात्र और उनके परिवार के लोग भी शामिल हुए।

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वर्ष 1955 में स्थापित BIT मेसरा ने इस आयोजन के जरिए शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्र-निर्माण की अपनी सात दशक लंबी विरासत को आगे बढ़ाया। समारोह में संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों को देश की वैज्ञानिक और तकनीकी जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया गया।

2,984 विद्यार्थियों को मिली डिग्री और डिप्लोमा

BIT मेसरा के 36वें दीक्षांत समारोह में विभिन्न परिसरों के कुल 2,984 विद्यार्थियों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए। इनमें 113 पीएचडी शोधार्थी, 691 स्नातकोत्तर विद्यार्थी, 2,004 स्नातक विद्यार्थी और 176 डिप्लोमा प्राप्तकर्ता शामिल रहे। अपने-अपने कार्यक्रमों में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और संस्थान की प्रार्थना के साथ हुई। इसके बाद दीक्षांत समारोह की औपचारिक कार्यवाही संपन्न हुई।

सी.के. बिरला ने विद्यार्थियों को दिया जिम्मेदारी का संदेश

BIT मेसरा के चांसलर सी.के. बिरला ने स्नातक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री हासिल करने के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी भी आती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और अवसरों का उपयोग समाज के लिए सार्थक योगदान देने में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उन्नत विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल रूपांतरण और अंतरिक्ष नवाचार तेजी से दुनिया को बदल रहे हैं। ऐसे दौर में तकनीकी ज्ञान के साथ लगातार सीखते रहने, बदलावों के अनुरूप खुद को ढालने, अलग-अलग विषयों के बीच सहयोग करने और सही निर्णय लेने की क्षमता भी महत्वपूर्ण है। सी.के. बिरला ने विद्यार्थियों को प्रौद्योगिकी का जिम्मेदारी से उपयोग करने तथा चरित्र, भरोसे और मूल्यों को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि असफलताएं और निराशाएं भी सीखने का अवसर देती हैं। विद्यार्थियों को निरंतरता, विश्वसनीयता और ईमानदारी के साथ अपना करियर बनाते हुए समाज और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना चाहिए।

डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने अनुसंधान और नवाचार पर दिया जोर

मुख्य अतिथि डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने कहा कि भारत तकनीकी परिवर्तन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष विज्ञान, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में हो रही प्रगति नई संभावनाएं पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए मजबूत स्वदेशी क्षमताओं के साथ वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और उद्यमियों की कुशल पीढ़ी तैयार करना जरूरी है। इसके लिए निरंतर अनुसंधान, विभिन्न विषयों के बीच सहयोग और मानव संसाधनों में निवेश की आवश्यकता होगी।

डॉ. मोहंती ने BIT मेसरा की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थान अनुसंधान को मजबूत करने और ज्ञान को प्रौद्योगिकी व समाज के लिए उपयोगी समाधानों में बदलने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवनभर सीखते रहने, जिज्ञासु बने रहने और उत्कृष्टता के साथ ईमानदारी को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि डिग्री विद्यार्थियों को ज्ञान देती है, लेकिन उनके चरित्र से तय होगा कि वे उस ज्ञान का उपयोग नवाचारी, टिकाऊ और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में किस तरह करते हैं।

विकसित भारत के लिए शिक्षा और तकनीकी विकास पर जोर

BIT मेसरा के वाइस चांसलर प्रो. इंद्रनील मन्ना ने कहा कि संस्थान में शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच विकसित करना, स्थापित विचारों पर सवाल उठाने की क्षमता पैदा करना और जटिल समस्याओं का समाधान खोजना भी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1955 में स्थापना के बाद से BIT मेसरा ने इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाई है। संस्थान की शैक्षणिक और अनुसंधान गतिविधियां लगातार नए उभरते क्षेत्रों तक विस्तार कर रही हैं। प्रो. मन्ना ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए संस्थान शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी विकास को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्नातकों को भविष्य में शोधकर्ता, उद्यमी, मार्गदर्शक और सहयोगी के रूप में संस्थान से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

पूर्व छात्र नेटवर्क से जुड़े रहेंगे स्नातक

दीक्षांत समारोह के साथ सभी स्नातक BIT मेसरा के व्यापक पूर्व छात्र समुदाय का हिस्सा बन गए। यह नेटवर्क देश और विदेश में फैले पेशेवरों तथा शिक्षाविदों से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। संस्थान का पूर्व छात्र नेटवर्क उद्योग, शिक्षण, अकादमिक जगत, अनुसंधान और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे विभिन्न पीढ़ियों के पूर्व छात्रों को जोड़ता है। इससे विद्यार्थियों का संस्थान के साथ जुड़ाव डिग्री हासिल करने के बाद भी बना रहता है। समारोह का समापन गणमान्य अतिथियों के सम्मान और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसी के साथ BIT मेसरा का 36वां दीक्षांत समारोह संपन्न हो गया।

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