पलामू : पलामू की लोक संस्कृति और परंपराओं के बीच झारखंड के बेतला नेशनल पार्क को गुरुवार को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पलामू टाइगर रिजर्व के बेतला नेशनल पार्क के इलाके में पर्यटन गतिविधि पर रोक लगा दी जाती है, क्योंकि यह 3 महीने वन्यजीवों का प्रजनन काल माना जाता है। चतरा सांसद कालीचरण सिंह और पलामू टाइगर रिजर्व के अधिकारियों की मौजूदगी में गुरुवार को पार्क खोला गया है। पार्क खुलने के साथ ही बेतला के इलाके में जंगल की ओपन सफारी की शुरुआत हो गई है।
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ट्रेडिशनल फूड और ओपन सफारी की शुरुआत
इस दौरान पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक प्रजेशकान्त जेना समेत कई अधिकारी मौजूद थे। दरअसल, पहली बार बेतला नेशनल पार्क के पलामू किले वाले क्षेत्र में ओपन सफारी की शुरुआत हो रही है, और इस इलाके में मोटरसाइकिल के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पार्क खुलने के साथ ही ट्रेडिशनल फूड को भी प्रमोट किया जा रहा है। पर्यटकों को धुस्का एवं महुआ से बने हुए कई व्यंजन परोसे जा रहे हैं।
प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध और विशेष तैयारियां
पलामू टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के आगमन को लेकर खास तैयारी की गई है और इस बार प्लास्टिक को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। बेतला नेशनल पार्क प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर से 25 किलोमीटर दूर है, जबकि नजदीक का बरवाडीह रेलवे स्टेशन करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित है। बेतला नेशनल पार्क में सबसे अधिक पश्चिम बंगाल के पर्यटक पहुंचते हैं और दुर्गा पूजा के बाद से बंगाल के पर्यटकों का आगमन शुरू हो जाता है। पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक प्रजेशकान्त जेना ने बताया कि पर्यटकों के लिए पार्क खोल दिया गया है और इस बार पर्यटन के लिए काफी कुछ खास किया गया है।





