नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) समुदायों से आने वाले सांसदों को पर्याप्त बोलने का समय देने के मुद्दे पर कार्रवाई की मांग की है। मांझी ने अपने पत्र में 5 अगस्त को दिल्ली स्थित उनके आवास पर हुई NDA सांसद समूह संवाद बैठक में उठाए गए मुद्दे का उल्लेख किया है। इस बैठक में मध्य प्रदेश के खरगौन से भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने SC/ST सांसदों को सदन में अपने समुदायों से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए पर्याप्त अवसर देने की मांग उठाई थी।
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मांझी ने ओम बिरला से कार्रवाई का आग्रह किया
केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष से गजेंद्र सिंह पटेल के अनुरोध पर आगे की कार्रवाई करने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। 16 सितंबर को लिखे पत्र में मांझी ने कहा कि महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान SC/ST सांसदों को पर्याप्त समय मिलना चाहिए। पटेल ने भी इस मुद्दे को उठाए जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि SC/ST सांसदों को मिलने वाला समय और बढ़ाया जाना चाहिए, क्योंकि किसी राजनीतिक दल को आवंटित समय उसके सांसदों के बीच बांटा जाता है।
गजेंद्र सिंह पटेल ने क्या कहा?
गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि ऐसा नहीं है कि SC/ST सांसदों को सदन में बोलने का समय नहीं मिलता, लेकिन उन्हें अधिक समय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि SC/ST समुदायों से जुड़े अधिक मुद्दे संसद में उठाए जाने चाहिए। पटेल के मुताबिक, इस मांग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसदीय चर्चाओं के दौरान SC/ST समुदायों से जुड़े विषयों को पर्याप्त जगह मिले। उन्होंने यह भी माना कि इन समुदायों से आने वाले सांसदों को सदन में बोलने के अवसर मिलते हैं।
मांझी के अनुसार, 5 अगस्त की बैठक केवल SC/ST सांसदों की बैठक नहीं थी। उन्होंने बताया कि NDA सांसद समूह की बैठकें सांसदों को अपनी चिंताएं रखने का मंच देती हैं, जिन्हें बैठक की अध्यक्षता करने वाला नेता संबंधित मंत्रालय या विभाग तक पहुंचाता है।




