रांची : कोकर-लालपुर निवासी अपूर्व कुमार भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। सोमवार को उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों लेफ्टिनेंट पद का नियुक्ति पत्र मिला। अपनी मेहनत, संकल्प और पढ़ाई के बल पर सेना में अधिकारी बनने का सपना पूरा करने वाले अपूर्व ने झारखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। अखिल भारतीय सुंडी शौंडिक महासंघ के कार्यदल सदस्य एवं झारखंड प्रदेश शौंडिक संघ के राष्ट्रीय समन्वयक बीरेंद्र साहु ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अपूर्व कुमार को राष्ट्रपति के हाथों नियुक्ति पत्र मिलने पर उनके परिवार और समाज के लोगों में खुशी है। अपूर्व कुमार के पिता सुनील कुमार शाह झारखंड सरकार के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उनकी माता लक्ष्मी शाह, भाई स्नेह सागर, भाभी डा. मानसी और परिवार के अन्य सदस्यों ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई।
Read More : रांची में दशलक्षण महापर्व का छठा दिन, श्रद्धालुओं ने की उत्तम संयम की आराधना
मेहनत और संकल्प से हासिल किया मुकाम
बीरेंद्र साहु ने कहा कि अपूर्व कुमार ने अपनी जी-तोड़ मेहनत, संकल्प और पढ़ाई के प्रति समर्पण से भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना पूरा किया है। उनके लेफ्टिनेंट बनने से सुंडी शौंडिक वैश्य पिछड़ा समाज के लोगों ने भी खुशी जताई है। उन्होंने बताया कि अन्य प्रदेशों से सफल हुए अभ्यर्थियों में अपूर्व कुमार राष्ट्रपति के हाथों लेफ्टिनेंट पद का नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले झारखंड के एकमात्र अभ्यर्थी हैं। उनके अनुसार, इस उपलब्धि से पूरे देश में झारखंड का नाम रोशन हुआ है।
अपूर्व को सम्मानित करने की मांग
बीरेंद्र साहु ने कहा कि अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने प्रदेश मुख्यालय में सफल अभ्यर्थियों को बुलाकर सम्मानित किया है। उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी अपूर्व कुमार को बुलाकर उनका हौसला बढ़ाने की अपील की। झारखंड प्रदेश शौंडिक संघ, अखिल भारतीय सुंडी शौंडिक वैश्य महासंघ और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सुंडी शौंडिक संघ के पदाधिकारियों ने फोन पर लेफ्टिनेंट अपूर्व कुमार और उनके माता-पिता सुनील कुमार शाह व लक्ष्मी शाह को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
घर पहुंचकर किया सम्मानित
बीरेंद्र साहु को जब पता चला कि लेफ्टिनेंट अपूर्व कुमार अल्प प्रवास पर अपने माता-पिता से मिलने कोकर-लालपुर स्थित आवास पहुंचे हैं, तो उन्होंने उनसे मुलाकात की। इस दौरान बीरेंद्र साहु और दीपक प्रसाद ने अपूर्व कुमार को बुके देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।









