रांची : नए MMDR (खान एवं खनिज संशोधन) कानून को वापस लेने की मांग को लेकर झारखंड की सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को प्रदेश भर में व्यापक धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी के आह्वान पर राज्य के सभी 260 प्रखंड कार्यालयों के समक्ष विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में JMM कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। राजधानी के विभिन्न प्रखंडों में पार्टी के वरीय नेताओं ने कमान संभाली। तमाड़ में स्थानीय विधायक विकास सिंह मुंडा, सिल्ली में विधायक अमित कुमार महतो, मांडर में राज्यसभा सांसद डॉ. महुआ माजी, चान्हो में जिलाध्यक्ष मुस्ताक आलम और नामकुम प्रखंड कार्यालय के समक्ष JMM के केंद्रीय समिति सदस्य अंतु तिर्की के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ।
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राज्य को होगा बड़ा आर्थिक नुकसान : अंतु तिर्की
नामकुम में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अंतु तिर्की ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा MMDR कानून में किए गए संशोधन से झारखंड को बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचेगा। इससे राज्य में चल रही कई जन-कल्याणकारी योजनाओं पर विपरीत असर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कानून के विरोध में पार्टी चरणबद्ध आंदोलन करेगी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर राज्य की आर्थिक नाकेबंदी भी शामिल है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आदिवासी-मूलवासी और झारखंड विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया।
कोडरमा, धनबाद और पाकुड़ में भी दिखा असर
कोडरमा जिले के सभी 6 प्रखंडों में प्रदर्शन हुआ। सदर प्रखंड मुख्यालय के समक्ष जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पांडे और पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता के नेतृत्व में धरना दिया गया। नेताओं ने कहा कि यदि संशोधन बिल वापस नहीं लिया गया तो जिला और राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। धनबाद के निरसा प्रखंड कार्यालय के समक्ष आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने झंडे लेकर भाग लिया। वहीं पाकुड़ जिले के महेशपुर, पाकुड़िया, लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा और हिरणपुर समेत सभी प्रखंडों में विरोध जताया गया। पाकुड़ जिला मुख्यालय में जिलाध्यक्ष अजीजुल इस्लाम के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ, जहाँ उन्होंने केंद्र पर राज्य सरकार को अस्थिर करने की मंशा का आरोप लगाया।









