Ranchi : हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज के समय में हिंदी भाषा की वैश्विक स्तर पर पहुंच इतनी गहरी हो चुकी है कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ज्ञान-विज्ञान से लेकर तकनीक तक, हर क्षेत्र में हिंदी का प्रभाव साफ नजर आता है।
डिजिटल और इंटरनेट पर हिंदी का प्रभाव
डिजिटल दुनिया और इंटरनेट पर हिंदी का व्यापक असर दिख रहा है। दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन Google के साथ-साथ YouTube और Facebook जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी हिंदी की मजबूत उपस्थिति है। आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में 60 करोड़ से ज्यादा लोग इंटरनेट पर हिंदी में सर्च करते हैं। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक में भी हिंदी का उपयोग लगातार बढ़ रहा है।
सिनेमा और मनोरंजन में हिंदी का दायरा
भारतीय सिनेमा के 100 साल से अधिक के इतिहास में हिंदी भाषा का बड़ा योगदान रहा है। आज हिंदी सिनेमा देश तक सीमित न रहकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुका है। फिल्मों की डबिंग के जरिए पैन-इंडिया फिल्मों को नई पहचान मिल रही है, वहीं ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी सबसे ज्यादा हिंदी फिल्में देखी जा रही हैं।
वैश्विक बाजार और व्यापार में हिंदी
भारत दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में शामिल है, इसलिए विदेशी कंपनियां भी भारतीय बाजार में अपनी पहुंच बनाने के लिए हिंदी को प्राथमिकता दे रही हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों को मिलाकर देश की लगभग आधी आबादी हिंदी बोलती है। कंपनियां समझती हैं कि हिंदी में व्यापार करने से उनका काम आसान हो जाता है।
शिक्षा और ज्ञान-विज्ञान में हिंदी
देश की नई शिक्षा नीति के तहत सामान्य पढ़ाई के साथ-साथ मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी तकनीकी शिक्षा भी हिंदी में उपलब्ध कराई जा रही है। ISRO और DRDO के वैज्ञानिक अपनी खोज और आविष्कार हिंदी में समझा रहे हैं। विदेश की बात करें तो अकेले अमेरिका के 100 से अधिक विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जा रही है। वहीं फिजी, मॉरीशस और सूरीनाम में हिंदी दूसरी राजभाषा की तरह इस्तेमाल होती है। अब संयुक्त राष्ट्र (UN) में भी हिंदी को स्थान मिल चुका है।




