रांची: राजधानी रांची के रिंग रोड स्थित ट्यूलिप हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। अस्पताल में बीते दिनों मरीज के परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच हुई मारपीट की घटना को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया था।
स्वास्थ्य मंत्री के आदेश के बाद शनिवार को जांच कमेटी ट्यूलिप हॉस्पिटल पहुंची। टीम ने अस्पताल में हुई घटना और पूरे मामले की विस्तृत जांच की। जांच के दौरान अस्पताल प्रबंधन को मामले में दोषी पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई।
मंत्री के निर्देश के बाद रांची सिविल सर्जन ने कार्रवाई करते हुए क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन एवं रेगुलेशन) अधिनियम, 2010 एवं झारखंड क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स नियम, 2013 के तहत ट्यूलिप हॉस्पिटल के पंजीकरण और लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से अंतरिम रूप से निलंबित कर दिया है। यह निलंबन विस्तृत जांच पूरी होने और सक्षम प्राधिकारी के अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

ओपीडी में नए मरीजों का पंजीकरण और अन्य सेवाओं पर रोक

सिविल सर्जन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान अस्पताल में नए ओपीडी मरीजों का पंजीकरण और इलाज, नए IPD मरीजों की भर्ती, नई इलेक्टिव सर्जरी अथवा अन्य नई क्लिनिकल सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। अस्पताल प्रबंधन को आदेश का तत्काल और कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है।

हालांकि, अस्पताल में पहले से भर्ती मरीजों को किसी भी परिस्थिति में असहाय नहीं छोड़ा जाएगा। अस्पताल प्रबंधन को सभी भर्ती मरीजों को आवश्यक और उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते रहने, उनकी पूरी सूची प्रस्तुत करने तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अस्पतालों एवं प्राधिकारियों के समन्वय से सुरक्षित स्थानांतरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

रिकॉर्ड और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का आदेश

इसके साथ ही 10 सितंबर की घटना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का आदेश दिया गया है। इसमें मरीजों की केस शीट, ओपीडी-आईपीडी रजिस्टर, उपचार संबंधी दस्तावेज, सहमति पत्र, जांच रिपोर्ट, ड्यूटी रोस्टर, उपस्थिति रिकॉर्ड, सीसीटीवी डेटा  शामिल हैं। किसी भी रिकॉर्ड को बदलने, नष्ट करने अथवा साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने पर गंभीर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

मामले की विस्तृत जांच होगी

मामले की विस्तृत जांच गठित समिति-सक्षम प्राधिकारी की ओर से की जाएगी और अस्कपताल प्रबंधन को  अस्पताल  हुए सभी आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अस्पताल परिसर में नए मरीजों के पंजीकरण एवं भर्ती पर रोक से संबंधित सार्वजनिक सूचना प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।