नई दिल्ली : ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच चुके हैं। नई दिल्ली आगमन के साथ ही राष्ट्रपति पेजेशकियन आज यानी शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इससे पूर्व PM मोदी ने किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित एससीओ (SCO) सम्मेलन के दौरान ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात की थी।
Read More : ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर अमित शाह बोले- स्टेज तैयार, साथ मिलकर बनाएंगे बेहतर भविष्य
द्विपक्षीय व्यापार और चाबहार पोर्ट पर रहेगा विशेष जोर
भारत ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता बनाए रखने के अपने रुख को दोहराया है। ब्रिक्स और एससीओ जैसे बहुपक्षीय मंचों पर ईरान के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के साथ द्विपक्षीय व्यापार के नए रास्ते खोजने और इसे विस्तार देने के संकल्प पर बल दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार, आर्थिक सहयोग और विशेष रूप से कनेक्टिविटी व लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत चाबहार पोर्ट प्राथमिकताओं में शामिल है। चाबहार बंदरगाह भारत और ईरान दोनों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है।
#WATCH | Delhi: President of Iran, Masoud Pezeshkian arrives in India for the BRICS Summit 2026. pic.twitter.com/b62l8e47sB
— ANI (@ANI) September 11, 2026
पेजेशकियन का भारत दौरा क्यों है खास?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन में राष्ट्रपति पेजेशकियन की भागीदारी पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि बहुपक्षीय कूटनीति के माध्यम से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में और तेजी आएगी। बघाई ने कहा कि भारत शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स दोनों का एक प्रभावशाली सदस्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ब्रिक्स सम्मेलन के इस मंच का उपयोग भारत के साथ आपसी हित के क्षेत्रों में सकारात्मक बातचीत और व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए करेगा।





