नई दिल्ली: 12 और 13 सितंबर को दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए भारत तैयार है। भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ-साथ साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के नेता भी शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान बैठकों के अलावा नेताओं की सामूहिक तस्वीर, भारत मंडपम में प्रदर्शनी का दौरा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में रात्रिभोज भी कार्यक्रम का हिस्सा होगा।
भारत के पास ब्रिक्स की अध्यक्षता
भारत ने 1 जनवरी 2026 को ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह समूह की अध्यक्षता संभालने का भारत का चौथा अवसर है। भारत की अध्यक्षता में इस साल की विषयवस्तु ‘लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण’ रखी गई है। मुख्य शिखर सम्मेलन से पहले 11 सितंबर को भारत मंडपम में ब्रिक्स व्यापार मंच और महिला व्यापार गठबंधन की बैठक भी होगी।
पहला दिन: 12 सितंबर को क्या होगा?
पहले दिन ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं के आगमन के साथ कार्यक्रम शुरू होगा। दिन का मुख्य फोकस सदस्य देशों के बीच बंद कमरे में होने वाले सत्र और उसके बाद होने वाले औपचारिक कार्यक्रमों पर रहेगा।
- दोपहर 2:35 बजे: ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं का बंद कमरे में सत्र। विषय होगा ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना।’
- शाम 4:25 बजे: नेता ‘भारत इनोवेट्स एग्जीबिशन’ का दौरा करेंगे।
- इसके बाद सामूहिक तस्वीर और संयुक्त पौधारोपण समारोह होगा।
- शाम 7:30 बजे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में रात्रिभोज आयोजित होगा।
दूसरा दिन: 13 सितंबर को साझेदार देशों की भी भागीदारी
शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन कार्यक्रम का दायरा और व्यापक होगा। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के अलावा साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के नेता भी शामिल होंगे। इसके बाद समावेशी वैश्विक विकास से जुड़े मुद्दों पर खुला सत्र आयोजित किया जाएगा।
- सुबह 9:55 बजे: ब्रिक्स देशों, साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के नेताओं का आगमन।
- सुबह 10:35 बजे: नेताओं की आधिकारिक सामूहिक तस्वीर।
- सुबह 10:50 बजे: खुला सत्र शुरू होगा। इसका विषय होगा ‘मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी: समावेशी ग्लोबल ग्रोथ के लिए भविष्य को आकार देना’।
द्विपक्षीय बैठकों पर भी नजर
दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान औपचारिक कार्यक्रमों के साथ नेताओं के बीच होने वाली अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकों पर भी नजर रहेगी। सम्मेलन के अंत में किसी संयुक्त घोषणा या नए समझौते की घोषणा होती है या नहीं, इस पर भी खास ध्यान रहेगा। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में आयोजित हो रहे इस शिखर सम्मेलन के कार्यक्रम में वैश्विक शासन, बहुपक्षीय सहयोग, लचीलापन, नवाचार और सतत विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है।
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