नई दिल्ली:  सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली सब्सिडियरी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) ने IPO की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है।
MCL के प्रस्तावित IPO में केवल ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल होगा। इसके तहत कोल इंडिया अपनी MCL में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी, यानी करीब 66.18 करोड़ शेयर, बिक्री के लिए पेश करेगी।
MCL को नहीं मिलेगा IPO से पैसा
प्रस्तावित इश्यू में कोई नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे। यानी यह पूरी तरह OFS आधारित IPO होगा। शेयरों की बिक्री से प्राप्त होने वाली पूरी राशि कोल इंडिया लिमिटेड को मिलेगी, जबकि महानदी कोलफील्ड्स को इस सार्वजनिक पेशकश से कोई रकम प्राप्त नहीं होगी।
 महानदी कोलफील्ड्स मुख्य रूप से ओडिशा में कोयला खनन का संचालन करती है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने भारत के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में करीब 21 प्रतिशत योगदान दिया। वहीं, कोल इंडिया के कुल उत्पादन में MCL की हिस्सेदारी 28.4 प्रतिशत रही।इसी अवधि में भारत के कुल कोयला उत्पादन में कोल इंडिया का योगदान लगभग 74 प्रतिशत रहा।
 MCL के शेयरों को BSE और NSE दोनों स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। IPO के लिए SBI Capital Markets, Axis Capital, BOB Capital Markets, IDBI Capital Markets & Securities और IIFL Capital Services को बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।
FY26 में मुनाफा और रेवेन्यू में गिरावट
वित्त वर्ष 2025-26 में MCL का शुद्ध मुनाफा 1.3 प्रतिशत घटकर 10,678 करोड़ रुपये रहा। इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू भी 2.6 प्रतिशत घटकर 30,550 करोड़ रुपये रह गया।
Coal India की दो सब्सिडियरी पहले ही हो चुकी हैं लिस्ट
कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनियों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया पहले भी आगे बढ़ चुकी है। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) जनवरी 2026 में स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध हुई थी। BCCL का पब्लिक इश्यू करीब 1,068.78 करोड़ रुपये का था।
इसके बाद सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDI) मार्च 2026 में NSE और BSE पर सूचीबद्ध हुई। इसका IPO करीब 1,841.45 करोड़ रुपये का था।