रांची। पिछले कुछ दिनों से राजधानी मे लापता बच्चों के मामले बढ़ गये है। ऐसे में रांची पुलिस को इसकी अधिक शिकायत मिल रही है। रांची पुलिस संगीन अपराध में अनुसंधान करने की बजाय लापता बच्चों की तलाश करने में जुटी हुई है। इसका सीधा असर रांची पुलिस के कामकाज पर पड़ रहा है। लापता बच्चों को बरामद करने के बाद पुलिस को बच्चों के द्वारा जानकारी मिलती है कि अभिभावक की गलती की वजह से एक जगह से दूसरे जगह फरार हो रहे हैं। इसका खामियाजा रांची पुलिस भुगत रही है। लापता हो रहे बच्चों को देखते हुए रांची पुलिस ने एक तलाशी अभियान शुरू कीहै। पुलिस ने आम जनता, विशेषकर माता-पिता के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश जारी करते हुए बच्चों की सुरक्षा में सहयोग मांगा है।
आधुनिक तकनीकों के जरिये ढूंढे जा रहे बच्चे
लापता बच्चों की बरामदगी के लिए पुलिस प्रशासन आधुनिक तकनीकों और रणनीतियों का सहारा ले रही है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बच्चों की खोज के लिए पुलिस की स्पेशल टीमें बनाई गई हैं। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। जंगलों, ग्रामीण इलाकों और संदिग्ध ठिकानों पर ड्रोन और सर्विलांस की मदद से व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाने, माइक से अनाउंसमेंट करने और आम जनता की मदद से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
काउंसलिंग में मिली जानकारी अपनी मर्जी से भाग रहे बच्चे
पुलिस जांच और काउंसलिंग के दौरान एक चौंकाने वाला सच सामने आया है। कई मामलों में यह देखा गया है कि बच्चे किसी अपराध का शिकार होने के बजाय, घरेलू विवाद या अन्य कारणों से अपनी मर्जी से घर छोड़कर भाग रहे हैं। बरामदगी के बाद बच्चों ने खुद पुलिस के सामने यह स्वीकार किया है।
बच्चों की सुरक्षा का आधार उनका घर
माता-पिता अक्सर पुलिस की कार्यशैली पर आरोप लगाते हैं, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे बच्चों को सुरक्षित वापस लाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। रांची पुलिस ने अपील करते हुए कहा है, बच्चे आपकी अमानत हैं। उनकी सुरक्षा और प्यार की पहली जिम्मेदारी आपकी है, न कि पुलिस की। पुलिस आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा का असली आधार उनका अपना घर है। रांची पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति या लापता बच्चे की सूचना तुरंत 100 या 112 नंबर पर डायल करके दें।


