रांची। फाइलों, बैठकों और सरकारी कार्यक्रमों के बीच रविवार को झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन का एक बिल्कुल अलग चेहरा देखने को मिला। इस बार न कोई मंच था, न भाषण और न ही सरकारी काफिले की भागदौड़। सीएम हेमंत सोरेन खुद कार की स्टीयरिंग संभालकर राजधानी रांची से जोन्हा फॉल की ओर निकल पड़े। उनके साथ उनकी विधायक पत्नी कल्पना सोरेन भी मौजूद थीं। रास्ते भर पहाड़, जंगल और हरियाली को निहारते हुए सीएम मानो कुछ पल प्रकृति के साथ बिताना चाहते थे।
जब अचानक सामने आ गए सूबे के मुखिया
जोन्हा फॉल पर आम दिनों की तरह ही सैलानियों की चहल-पहल थी। कोई झरने के पानी की बौछारें गिन रहा था, तो कोई सेल्फी लेने में मशगूल था। तभी वहां एक कार आकर रुकी और जैसे ही कार का दरवाजा खुला, वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। सामने खुद सीएम हेमंत सोरेन खड़े थे। सुरक्षा के घेरे और प्रोटोकॉल से दूर, सीएम को अपने इतने करीब पाकर स्थानीय ग्रामीण और पर्यटक अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पा रहे थे। पल भर में ही वहां का माहौल उत्साह से भर गया। लोगों के चेहरे की हैरानी जल्द ही बड़ी सी मुस्कान में बदल गई।
झरने का संगीत और फलों का स्वाद
सीएम हेमंत सोरेन ने जोन्हा फॉल की खूबसूरत वादियों में काफी समय बिताया। गिरते हुए झरने की आवाज और चारों तरफ फैली घने जंगलों की हरियाली के बीच वो प्रकृति को करीब से महसूस करते दिखे। इस दौरान उन्होंने वहां मिल रहे स्थानीय फलों का भी स्वाद चखा।
“ये है हमलोगों का झारखंड”
जोन्हा फॉल की इस यात्रा का वीडियो सीएम हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया। वीडियो की शुरुआत कार चलाते हुए मुख्यमंत्री से होती है। सड़क के दोनों ओर फैले घने जंगल और खूबसूरत वादियों की ओर इशारा करते हुए वह कहते हैं, “ये है हमलोगों का झारखंड।” इसके बाद उन्होंने अपने पोस्ट में झारखंड की प्राकृतिक खूबसूरती को बेहद भावुक अंदाज में शब्द दिए। उन्होंने लिखा कि जहां जंगल जीवन हैं और झरने संगीत हैं, वहीं हरियाली की गोद में बसा झारखंड अपनी अलग पहचान रखता है। उन्होंने बताया कि रांची से कुछ ही दूरी पर स्थित जोन्हा फॉल की वादियों में कुछ समय बिताने का अवसर मिला। इस दौरान स्थानीय फलों का स्वाद लिया और वहां रहने वाले लोगों से भी बातचीत की। सीएम ने लिखा कि निर्मल जलधारा, घने जंगलों की हरियाली और पहाड़ों की शांति बार-बार यह एहसास कराती है कि झारखंड प्रकृति का अनमोल उपहार है। यह सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझी धरोहर है, जिसे सहेजना और सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। भौगोलिकसंदर्भ
पर्यटन को भी मिला बढ़ावा, झारखंड आने का दिया न्योता
सीएम हेमंत सोरेन का यह दौरा सिर्फ एक निजी यात्रा नहीं, बल्कि झारखंड के पर्यटन को बढ़ावा देने का संदेश भी बन गया। उन्होंने कहा कि झारखंड के किसी भी हिस्से में चले जाइए, प्रकृति अपने अलग-अलग रंगों में आपका स्वागत करती दिखाई देगी। कहीं ऊंचे-ऊंचे झरने हैं, कहीं घने जंगल, तो कहीं शांत पहाड़ियां लोगों को अपनी ओर खींचती हैं। उन्होंने देशभर के सैलानियों से झारखंड आने की अपील करते हुए कहा कि इस अनुपम धरती पर सभी का दिल से स्वागत है। “जोहार” के साथ खत्म हुए उनके इस संदेश में सिर्फ पर्यटन का प्रचार नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी और प्रकृति के प्रति गहरा लगाव भी साफ दिखाई दिया। भौगोलिकसंदर्भ
मुख्यमंत्री का यह सहज और सादगी भरा अंदाज सोशल मीडिया पर भी लोगों को काफी पसंद आ रहा है। कई लोगों ने इसे झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता को देश-दुनिया तक पहुंचाने की अच्छी पहल बताया, तो कई लोगों ने मुख्यमंत्री के आम लोगों के बीच बिना औपचारिकता पहुंचे इस अंदाज की सराहना की।




