अयोध्या : राम मंदिर चढ़ावे के कथित विवाद को लेकर मंगलवार को संत समाज की बैठक में उस समय हंगामा हो गया, जब बैठक स्थल पर अयोध्या पुलिस और इंटेलिजेंस के जवान पहुंच गए। संतों ने आरोप लगाया कि उन्हें चढ़ावे के कथित विवाद पर बैठक और चर्चा करने से रोकने की कोशिश की गई। बैठक स्थल से मीडिया कर्मियों को बाहर किए जाने को लेकर भी संतों और पुलिस के बीच तनातनी की स्थिति बनी। पुलिस और एलआईयू की तैनाती के बाद संतों में नाराजगी और बढ़ गई।
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संतों ने CBI जांच की मांग उठाई
कंप्यूटर बाबा की अध्यक्षता में हुई बैठक में संतों ने राम मंदिर चढ़ावे के कथित घोटाले की उच्चस्तरीय जांच के साथ सीबीआई जांच की मांग की। संतों ने चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। संतों का आरोप है कि एसआईटी की जांच में छोटे आरोपियों पर कार्रवाई की गई, जबकि बड़े लोगों को बचा लिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
एक लाख संतों के साथ आंदोलन का ऐलान
बैठक के बाद कंप्यूटर बाबा ने कहा कि संत समाज चढ़ावे के कथित विवाद की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर एक लाख संतों के साथ अयोध्या पहुंचकर आंदोलन किया जाएगा। संत समाज मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की भी तैयारी कर रहा है। संतों ने कहा कि वे रामलला का दर्शन कर चढ़ावे के कथित विवाद को लेकर भगवान श्रीराम से क्षमा मांगेंगे।
पुलिस की मौजूदगी पर संतों में नाराजगी
बैठक के दौरान पुलिस और एलआईयू की मौजूदगी को लेकर संतों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि संत समाज की बैठक में इस तरह पुलिस की मौजूदगी उचित नहीं है। बैठक में शामिल संतों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में चढ़ावे के विवाद पर बोलने से उन्हें रोका जा रहा है।




