“सिस्टम के खिलाफ सिस्टम में रहकर बोलते हैं… हमने विधायकी की परंपरा बदल दी”: जयराम महतो

रांची/धनबाद : जेएलकेएम प्रमुख और डुमरी विधायक जयराम महतो ने अपने खिलाफ चल रहे विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि थाने में बातचीत के दौरान सिर्फ ‘हॉट टॉक’ हुआ था और इसके अलावा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर

जयराम महतो

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रांची/धनबाद : जेएलकेएम प्रमुख और डुमरी विधायक जयराम महतो ने अपने खिलाफ चल रहे विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि थाने में बातचीत के दौरान सिर्फ ‘हॉट टॉक’ हुआ था और इसके अलावा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर हॉट टॉक कार्रवाई के दायरे में आता है तो कार्रवाई की जाए, उन्हें विधायकी जाने का भी डर नहीं है। जयराम महतो ने कहा कि वे थाने में सिर्फ यह पूछने गए थे कि जिस व्यक्ति के साथ मारपीट हुई, उसके साथ ऐसा क्यों किया गया। उनके मुताबिक, उन्होंने केवल एक सवाल किया था कि आपने इसके साथ मारपीट क्यों की।

‘हॉट टॉक हुआ, इसके अलावा कुछ नहीं’

विधायक ने कहा कि अगर इस मामले में कार्रवाई करनी है तो की जाए। उन्होंने कहा, “हॉट टॉक हुआ है, इसके अलावा और कुछ नहीं हुआ है। अगर हॉट टॉक कार्रवाई के दायरे में आता है तो करिए कार्रवाई, उससे अगर मेरी विधायकी भी जाती है तो हमको कोई डर नहीं।” उन्होंने कहा कि पुलिस से जुड़े लोग अलग-अलग बातें कर सकते हैं, लेकिन जिस व्यक्ति ने सवाल पूछा, वह उस समय सिर्फ वहीं बैठा था और उसने मारपीट को लेकर सवाल किया था।

‘सिस्टम के खिलाफ बोलने की हिम्मत करते हैं’

जयराम महतो ने कहा कि उनकी पार्टी के पास बड़ी संख्या में विधायक और सांसद नहीं हैं, इसके बावजूद वे अपनी बात मजबूती से रखते हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ साजिश करने वाले लोग भी हो सकते हैं, लेकिन वह इससे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हम सिस्टम के खिलाफ सिस्टम में रहकर सिस्टम के खिलाफ बोलते हैं।” विधायक ने दावा किया कि विधायक के क्षेत्र से आने के बावजूद विधायक के खिलाफ बोलने की हिम्मत करते हैं और इसी वजह से उन्होंने विधायकी की परंपरा को बदलने का काम किया है।

‘सिस्टम का हिस्सा बन जाइए तो कोई दुश्मन नहीं’

जयराम महतो ने कहा कि अगर कोई सिस्टम का हिस्सा बनकर चलता है तो उसके दुश्मन नहीं होते। उन्होंने व्यवस्था में कथित लेन-देन की परंपरा का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर कोई सवाल नहीं उठाता तो उसे भी व्यवस्था का हिस्सा बना लिया जाता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर काम करने वाले लोगों को अलग-अलग वाहनों को चलाने के लिए लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर, हाइवा और लॉरी चलाने की बात सामने आती है और इसके जरिए वह “दूध का दूध और पानी का पानी” करने की बात कह रहे हैं। विधायक ने इसी संदर्भ में लोगों से सवाल किया कि कौन कितना पैसा लेता है और गाड़ियों के पीछे कौन-कौन लोग हैं, इसकी जानकारी सामने आनी चाहिए।

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