ऊँचे कुल का  जनमियाँ, जे करणीं ऊँच न होइ मीनिंग । Unche Kul Ka Janamiya, Je Karani Uncha Na Hoi Meaning

ऊँचे कुल का  जनमियाँ, जे करणीं ऊँच न होइ मीनिंग। Unche Kul Ka Janamiya, Je Karani Uncha Na Hoi Meaning प्रसिद्ध कबीर दोहा (Kabir Das Doha) है, जिसे Youtube पर बहुत से लोगों के द्वारा पसंद किया जा रहा है। इस इस दोहे का हिंदी अर्थ हिंदी शब्दार्थ के साथ यहाँ दिया गया है। कबीर साहेब के ऐसे ही अन्य दोहे है

Unche Kul Ka Janamiya, Je Karani Uncha Na Hoi Meaning
Unche Kul Ka Janamiya, Je Karani Uncha Na Hoi Meaning

ऊँचे कुल का  जनमियाँ, जे करणीं ऊँच न होइ मीनिंग। Unche Kul Ka Janamiya, Je Karani Uncha Na Hoi Meaning, Kabir Ke Dohe (Saakhi) Hindi Arth/Hindi Meaning Sahit (कबीर दास जी के दोहे सरल हिंदी मीनिंग/अर्थ में )

ऊँचे कुल का जनमियाँ,
जे करणीं ऊँच न होइ।
सुवरण कलस सुरे भर्या,
साधू निंद्या सोइ॥

Unche Kul Ka Janamiya,
Je Karani Uncha Na Hoi,
Suvaran Kalas Sure
Bharya, Sadhu Nida Soi.

कबीर दोहा हिंदी शब्दार्थ | Kabir Doha Hindi Word Meaning

  • ऊँचे कुल का जनमियाँ : ऊँचे कुल में जन्म लेने से क्या होता है.
  • जे करणीं ऊँच न होइ: यदि ऊँची करनी नहीं है तो.
  • सुवरण कलस सुरे भर्या: सोने के कलश में यदि शराब भरी हुई है.
  • साधू निंद्या सोइ: वह संतजन/साधुजन की निंदा का पात्र ही होता है.
  • ऊँचे कुल: ऊँचे कुल में, ऊँची जाती में,
  • जनमियाँ : जन्म लेने से.
  • जे : यदि.
  • करणीं : कर्म.
  • ऊँच न होइ : ऊँचे/ महान ना हो, श्रेष्ठ ना हो.
  • सुवरन : सोने के, स्वर्ण के.
  • कलस: कलश में.
  • सुरे भर्या : शराब भरा हुआ है.
  • साधू निंद्या : साधू उसी की निंदा करते हैं.
  • सोइ : उसकी.
ऊँचे कुल का  जनमियाँ, जे करणीं ऊँच न होइ मीनिंग

ऊँचे कुल का  जनमियाँ, जे करणीं ऊँच न होइ मीनिंग। Unche Kul Ka Janamiya, Je Karani Uncha Na Hoi Meaning

ऊँचे कुल का जनमियाँ,
जे करणीं ऊँच न होइ।
सुवरण कलस सुरे भर्या,
साधू निंद्या सोइ॥

उच्च कुल, उच्च जाती में जन्म लेने मात्र से कोई महान नहीं बन जाता है. यदि उच्च जाती में कोई जन्म ले और कर्म नीच करे तो उसे कौन श्रेष्ठ कहेगा. सोने के कलश में यदि शराब भरी हुई है तो उसे संतजन अवश्य ही निम्न कहेंगे. अतः हमें हमारे कर्मों पर ध्यान देना चाहिए. कौन किस जाती का है, कुल या देश का है यह बातें महत्त्व नहीं रखती हैं. प्रस्तुत साखी में द्रष्टान्त अलंकार की व्यंजना हुई है. जाती और कुल की पहचान व्यक्ति के कर्मों से बड़ी नहीं है. यदि कोई निम्न कुल में जन्म लेकर भी अपने कर्मों के आधार पर महान बन बन सकता है और इसके विपरीत यदि कोई उच्च कुल में जन्म लेता है लेकिन उसकी करनी ठीक नहीं है तो अवश्य ही उसे कोई भी श्रेष्ठ नहीं कहेगा.

कबीर साहेब के समय में जातिगत व्यवस्था का बोलबाला था. व्यक्ति को उसकी जाती के आधार पर पहचान मिलती थी जिसका कबीर साहेब ने विरोध किया. साहेब ने

कर्मों को महत्त्व दिया और कहा की तुम अपने कर्मों के आधार पर ही कसौटी में कसे जाओगे.

Also Read: खुशियों से हर कोई नाचता है घर घर में दीपक जलाए लिरिक्स | Khushiyon Se Har Koi Nachta Song Lyrics In Hindi

ऊँचे कुल का  जनमियाँ, जे करणीं ऊँच न होइ मीनिंग। Unche Kul Ka Janamiya, Je Karani Uncha Na Hoi Meaning के पोस्ट में उपलब्ध विडियो के गायक कलाकार (Singer) कौन हैं ?

ऊँचे कुल का जनमियाँ मीनिंग Unche Kul Ka Janamiya Meaning के में उपलब्ध विडियो सोंग के गायक कलाकार (Singer) Shabnam Virmani हैं, कबीर भजन गायिकी ने इनका नाम उल्लेखनीय महत्त्व रखता है।

ऊँचे कुल का जनमियाँ मीनिंग Unche Kul Ka Janamiya Meaning दोहे/दोहा के लेखक कौन हैं (Lyricist/Writer) कौन हैं ?

ऊँचे कुल का  जनमियाँ, जे करणीं ऊँच न होइ मीनिंग। Unche Kul Ka Janamiya, Je Karani Uncha Na Hoi Meaning के लेखक (Lyricist/Writer) कबीर दास जी हैं (Sant Kabir Das/ Kabir Dasa ) हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *