वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप, हजारों इमारतें ढहीं; राहत अभियान तेज

कराकस: लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप ने व्यापक पैमाने पर तबाही मचाई है। महज एक मिनट के भीतर आए ताबड़तोड़ दो शक्तिशाली झटकों ने सैकड़ों-हजारों मकानों को जमींदोज कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 10 हजार से एक लाख तक लोगों के मारे जाने की आशंका जताई गई है, जैसा कि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने अपनी प्रारंभिक आकलन रिपोर्ट में चेतावनी दी है। स्थानीय समय के अनुसार, शाम 6 बजे आए भूकंप के इन झटकों ने वेनेजुएला के एक बड़े हिस्से को मलबे में तब्दील कर दिया है। राहत एवं बचावकर्मी युद्धस्तर पर मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटे हैं। वहीं दूसरी तरफ जापान में भी भूकंप के जबरदस्त झटके लगे हैं। आज यानी गुरुवार को जापान की धरती 6.9 तीव्रता के जबरजस्त भूकंप से कांप उठी।

दो दर्जन आफ्टरशॉक्स

वेनेजुएला में स्थानीय समयानुसार शाम 6 बजे दो बेहद शक्तिशाली भूकंपों ने दस्तक दी, जिससे व्यापक तबाही मची। जानकारों के अनुसार, पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जिसका केंद्र राजधानी कराकस से करीब 160 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था। इसके एक मिनट से भी कम समय बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा जोरदार झटका आया, जिसने स्थिति को और भयावह बना दिया। इन दोनों बड़े भूकंपों के बाद लगभग दो दर्जन आफ्टरशॉक्स भी दर्ज किए गए, जिससे पहले से डरे-सहमे लोगों में दहशत और बढ़ गई। शुरुआती तस्वीरों और स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, कई इमारतें ढह गई हैं, बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं और मृतकों की संख्या काफी अधिक होने की आशंका है। भारी जनहानि और व्यापक नुकसान की आशंका जताते हुए कहा है कि यह आपदा बड़े इलाके को प्रभावित करने वाली साबित हो सकती है।

ढहीं इमारतें, फटीं सड़कें रोते बिलखते लोग

भूकंप का मंजर बेहद डरावना है। सड़कें फटीं पड़ी हैं और इमरतें मलबा बन गई। लोग रोते बिलखते नजर आ रहे हैं। वहीं वेनेजुएला की राष्ट्रीय सरकार ने अभी तक मृतकों और घायलों का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। इसके बावजूद, स्थानीय अधिकारियों, चश्मदीदों और टेलीविजन फुटेज से हालात की गंभीरता साफ झलक रही है। भूकंप के झटके शाम करीब 6 बजे महसूस किए गए, जब लोग अपने घरों, दफ्तरों और अपार्टमेंट में मौजूद थे। जैसे-जैसे झटकों की तीव्रता बढ़ी, लोग जान बचाने के लिए घरों और इमारतों से बाहर भागे।

राजधानी कराकस सहित कई इलाकों में लोग रात होने के बाद भी सड़कों पर ही डटे रहे, क्योंकि लगातार आफ्टरशॉक्स के बीच घरों में लौटना सुरक्षित नहीं लगा। कराकस के निवासी हेक्टर रिची ने बताया कि शुरुआत में झटके हल्के महसूस हुए, लेकिन धीरे-धीरे उनकी तीव्रता इतनी बढ़ गई कि सभी को घरों से बाहर निकलना पड़ा। एक अन्य स्थानीय निवासी रोबर्टो गामास ने कहा, इमारत एक तरफ से दूसरी तरफ बुरी तरह हिल रही थी। यह अविश्वसनीय था। झटकों की ताकत बेहद ज्यादा थी। हम सड़क पर चल रहे थे और ऐसा लग रहा था मानो जमीन हमें उछाल रही हो। अपार्टमेंट के भीतर सब कुछ गिर गया। शुक्र है कि हम समय रहते बाहर निकल आए। स्थानीय प्रशासन ने कई इलाकों में इमारतों, मकानों और अन्य ढांचों के ढहने की पुष्टि की है। कई स्थानों पर सड़कें तक फट गईं।

सरकार का त्वरित जवाब और आपातकाल की घोषणा

वेनेजुएला के आंतरिक मंत्री दियोसदादो काबेलो ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि कई भवन, घर और आवासीय ढांचे गिर गए हैं और सरकार अपने पास उपलब्ध सभी संसाधनों के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि फायर ब्रिगेड, पुलिस, सिविल डिफेंस और अन्य आपदा राहत एजेंसियों को तत्काल सक्रिय कर दिया गया है। टेलीविजन फुटेज में कराकस में एक ढही हुई इमारत के मलबे के बीच राहतकर्मी लोगों की तलाश करते नजर आए। कई स्थानों पर परिजन अपने प्रियजनों के मलबे में फंसे होने की आशंका के बीच मदद की गुहार लगाते दिखाई दिए। इस बीच, वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में आपातकालीन घोषणा लागू करने की बात कही है। उन्होंने सरकारी टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए भूकंप में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

लैटिन अमेरिका की सबसे विनाशकारी आपदाओं में से एक

भूकंप के केंद्र और उसके प्रभाव को दर्शाने वाले मानचित्र के अनुसार उत्तरी वेनेजुएला में सबसे तीव्र झटके सैन फेलिपे के आसपास महसूस किए गए, जबकि कराकस की ओर बढ़ते हुए उनकी तीव्रता कुछ कम हुई। इसके बावजूद राजधानी और आसपास के इलाकों में नुकसान गंभीर बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दो बड़े भूकंपों का इतने कम अंतराल में आना और उसके बाद लगातार आफ्टरशॉक्स दर्ज होना विनाशकारी स्थिति पैदा कर सकता है। फिलहाल पूरे वेनेजुएला की नजर राहत और बचाव अभियान पर टिकी है। जैसे-जैसे मलबा हटेगा और दूरदराज के इलाकों से जानकारी सामने आएगी, इस आपदा की वास्तविक तस्वीर और भयावह हो सकती है। शुरुआती संकेत बता रहे हैं कि यह हाल के वर्षों में लैटिन अमेरिका की सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में से एक साबित हो सकती है।

जापान में 6.9 तीव्रता का भूकंप: टोक्यो तक हिली धरती

आज यानी गुरुवार को जापान की धरती 6.9 तीव्रता के जबरदस्त भूकंप से कांप उठी। यह भूकंप उत्तरी जापान में आया, जिसके झटके राजधानी टोक्यो समेत देश के एक बड़े हिस्से में महसूस किए गए। भूकंप के झटकों से लोग सहम उठे और डर के मारे घरों से बाहर निकल आए, जिससे कई इलाकों में चीख-पुकार मच गई। हालांकि, राहत की बात यह है कि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। जापान में सुनामी को लेकर भी कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, आज गुरुवार को आया यह भूकंप मुख्य द्वीप होन्शू के इवाते प्रान्त के तट के पास केंद्रित था। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 50 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। यह गहराई झटकों की तीव्रता को कुछ हद तक कम करने में मदद करती है, जिससे सतह पर होने वाले नुकसान की आशंका कम हो जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, जापान में आए इस भूकंप के कारण कुछ समय के लिए परिवहन सेवाएं बाधित हुईं। एहतियात के तौर पर कई शिंकानसेन बुलेट ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया था। हालांकि, शुरुआती जांच में सामने आया है कि बुनियादी ढांचे को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा है। सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों के निवासियों ने भी बताया है कि नुकसान मामूली ही हुआ है। ट्रेनों का परिचालन जल्द ही सामान्य हो जाने की उम्मीद है।

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