नई दिल्ली : झारखंड में JSSC-CGL, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली व पेपर लीक की CBI जांच की मांग को लेकर झारखंड भाजपा के सांसदों ने संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एक घंटे का मौन उपवास किया। प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में सांसदों ने सुबह 10 बजे से 11 बजे तक मौन प्रदर्शन किया। मौन उपवास के बाद मीडिया से बातचीत में आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा झारखंड के छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी अब इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है और जब तक युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया तथा न्याय नहीं मिलता, तब तक भाजपा अपनी आवाज उठाती रहेगी।
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1 अगस्त को सभी 24 जिलों में भाजपा का धरना
आदित्य साहू ने बताया कि छात्रों के आंदोलन के समर्थन में 1 अगस्त को झारखंड के सभी 24 जिलों में धरना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इससे पहले 31 जुलाई की शाम को राज्य के सभी जिलों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि झारखंड के छात्रों और युवाओं को यह महसूस न हो कि वे अपनी लड़ाई में अकेले हैं। पार्टी के इन कार्यक्रमों से छात्रों को समर्थन और मजबूती मिलेगी तथा उन्हें यह भरोसा होगा कि भाजपा उनके साथ खड़ी है।
आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में पिछले छह वर्षों से कांग्रेस के समर्थन से सरकार चल रही है और इस दौरान JPSC, JSSC-CGL तथा उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में भारी गड़बड़ी और प्रश्नपत्र लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार भी 14वीं JPSC परीक्षा में भारी गड़बड़ी हुई है, लेकिन राज्य सरकार इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कांग्रेस पर झारखंड के भर्ती मामलों को लेकर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। साहू ने कहा कि कांग्रेस दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन करती है, लेकिन झारखंड के मुद्दों पर उसकी आवाज नहीं सुनाई देती। उन्होंने कांग्रेस की इस नीति को दोहरा रवैया बताया।
छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार पर निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पिछले कई दिनों से छात्र अपने हक और अधिकारों के लिए झारखंड की सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। छात्र दिन-रात धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और भारी बारिश के बीच संसाधनों की कमी के बावजूद आंदोलन में डटे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन ने लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों को बारिश के दौरान राहत पहुंचाने के लिए भी पर्याप्त संवेदनशीलता नहीं दिखाई। साहू ने कहा कि भाजपा JPSC, JSSC-CGL, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मुद्दे को लगातार उठा रही है।
उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। झारखंड भाजपा के सांसदों ने 29 जुलाई को संसद भवन परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया था और 31 जुलाई को मौन उपवास रखा। आदित्य साहू ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार को JPSC, JSSC-CGL समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की CBI जांच करानी होगी। उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्रों और युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और न्याय मिलने तक भाजपा का आंदोलन जारी रहेगा।
एंटी पेपर लीक बिल के विरोध पर विपक्ष को घेरा
केंद्र सरकार की ओर से सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के विरोध पर आदित्य साहू ने कहा कि विपक्षी दलों ने पहले भी अच्छे कामों का विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने लंबे समय तक भ्रष्टाचार और घोटालों को बढ़ावा दिया है, इसलिए वे इस तरह के कानून का समर्थन नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस कानून की सराहना करनी चाहिए और प्रधानमंत्री का आभार जताना चाहिए, लेकिन हर अच्छे कार्य का विरोध करना उनकी आदत बन गई है।
साहू ने कहा कि विपक्ष जनता की आवाज को दबाना चाहता है, लेकिन देश के छात्र और युवा कांग्रेस समेत विपक्षी दलों को नकार चुके हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे जितना प्रदर्शन करे, देश की जनता अब उसके झांसे में नहीं आने वाली है। मौन उपवास के दौरान आदित्य साहू के अलावा सांसद बीडी राम, विद्युत वरण महतो, डॉ. प्रदीप वर्मा, ढुल्लू महतो, मनीष जायसवाल और कालीचरण सिंह भी मौजूद रहे।




