हज़ारीबाग: जिले से एक बेहद ही दुखद खबर सामने आई है. चालकुशा थाना में पदस्थापित और सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल सिपाही नरेश कुमार यादव ने इलाज के दौरान शुक्रवार को रांची के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया. इस दर्दनाक हादसे में चालकुशा थाना के अब तक दो जवानों की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे पुलिस महकमे और पीड़ित परिवारों में मातम पसरा हुआ है.
अनुसंधान से लौटने के दौरान हुआ था भीषण हादसा
यह पूरी घटना एक आपराधिक मामले की जांच से जुड़ी है. 14 जुलाई को चालकुशा थाना के पुलिस पदाधिकारी और सिपाही एक आपराधिक कांड के अनुसंधान के सिलसिले में धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र गए थे. जांच पूरा कर जब पुलिस टीम वापस हजारीबाग लौट रही थी, तभी उनकी गाड़ी एक भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई. इस हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि एक सिपाही की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि सिपाही नरेश कुमार यादव समेत तीन अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. सभी घायलों को तुरंत नजदीकी और उच्च चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया था, जहां नरेश यादव जिंदगी और मौत की जंग हार गए अन्य घायल पुलिसकर्मियों का इलाज अभी भी जारी है.
पुलिस लाइन में दिया गया ‘गार्ड ऑफ ऑनर’, दी गई अंतिम सलामी
शहीद जवान नरेश कुमार यादव का पार्थिव शरीर शुक्रवार को हजारीबाग पुलिस केंद्र लाया गया. यहां का माहौल बेहद गमगीन था. अपने साथी को खोने का गम हर एक पुलिसकर्मी की आंखों में साफ देखा जा सकता था.




