राँची: रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक बेहद सनसनीखेज मामले में रांची की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. लापुंग थाना क्षेत्र के कारूंम गांव में अपनी ही सास की बेरहमी से हत्या करने वाली बहू फूलो देवी को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. अपर न्याययुक्त अमित शेखर की अदालत ने कानून का सख्त संदेश देते हुए आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना न देने पर उसे एक साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी. इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब मृतका के बेटे ने ही अपनी कातिल पत्नी के खिलाफ कोर्ट में गवाही देकर इंसाफ की राह आसान की.
घरेलू कलह और वो खौफनाक दोपहर
यह खौफनाक वारदात 9 जून 2024 की दोपहर करीब 3 बजे की है. पुलिस चार्जशीट और दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, फूलो देवी का अपनी सास मानमईत देवी से अक्सर विवाद होता रहता था. घटना के दिन गुस्से से अंधी हो चुकी बहू ने पहले अपनी बुजुर्ग सास के सिर पर ईंट से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें लहूलुहान कर दिया. इसके बाद भी जब उसका दिल नहीं भरा, तो उसने तड़पती हुई बुजुर्ग सास को जमीन पर पटक दिया और गला दबाकर उनकी जान ले ली.
पति की आंखों के सामने खुली पत्नी की दरिंदगी की पोल
वारदात के ठीक बाद जब आरोपी का पति अपनी दुकान से अचानक घर लौटा, तो उसने अपनी मां को लहूलुहान हालत में और पत्नी फूलो देवी को वहां से भागते हुए देखा. अपनी ही आंखों के सामने मां की लाश और पत्नी को भागता देख उसने तुरंत लापुंग पुलिस को इसकी सूचना दी. खुद बेटे ने अपनी मां के कातिलों को सजा दिलाने के लिए अपनी पत्नी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई, जो इस पूरे केस का सबसे मजबूत आधार बना.
अदालत में अभियोजन पक्ष की दलीलें
मामले की सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक सिद्धार्थ सिंह ने कोर्ट के सामने प्रत्यक्षदर्शियों और ठोस वैज्ञानिक साक्ष्यों की पूरी कड़ी पेश की. सरकारी वकील की ओर से पेश किए गए पुख्ता सबूतों और गवाहों के बयानों के आगे बचाव पक्ष की हर दलील धरी की धरी रह गई. अदालत ने माना कि यह जघन्य अपराध समाज में कड़ा संदेश देने की मांग करता है, जिसके बाद कोर्ट ने फूलो देवी को उम्रकैद की सजा सुनाई.



