रांची: ऐतिहासिक 40 पड़हा मुड़मा जतरा के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री सह मांडर विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुड़मा जतरा झारखंड की समृद्ध आदिवासी परंपरा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस ऐतिहासिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं आम लोगों की भागीदारी को देखते हुए सुरक्षा, बिजली, यातायात, स्वच्छता, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि मुड़मा जतरा में उमड़ने वाली विशाल भीड़ को व्यवस्थित रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। पिछले वर्षों में पुलिस एवं जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से आयोजन को बेहतर ढंग से संपन्न कराया गया है। उन्होंने ग्रामीण पुलिस अधीक्षक को जिला पुलिस अधीक्षक के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करने तथा आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा की तैयारियां केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सभी संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि जतरा में आने वाले श्रद्धालुओं एवं आम लोगों को सुरक्षित और सुगम वातावरण मिल सके।
बिजली एवं प्रकाश व्यवस्था पर विशेष जोर
जतरा के दौरान शाम से सुबह तक चलने वाले कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने बिजली विभाग को सभी आवश्यक स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जतरा समिति के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक स्थलों की सूची का पुनः सत्यापन करने तथा बिजली की जरूरतों का आकलन कर समय रहते सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा।
मंत्री ने जोर दिया कि जतरा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति, पर्याप्त रोशनी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
तीनों राजकीय जतरा के बजट में वृद्धि का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगी मंत्री
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि मुड़मा जतरा की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए इसके आयोजन के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना आवश्यक है। महंगाई और आयोजन से जुड़ी बढ़ती जरूरतों के कारण वर्तमान बजट में वृद्धि की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मांडर विधानसभा क्षेत्र के तीनों राजकीय जतरा के वार्षिक बजट में वृद्धि को लेकर वह जतरा समितियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगी। इस दौरान वर्तमान बजट आवंटन, आयोजन की वास्तविक लागत और भविष्य की आवश्यकताओं से संबंधित विषयों को प्रमुखता से उठाते हुए बजट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि पूर्व में स्वीकृत 70 लाख रुपये के आवंटन से अधिक हुए खर्च की जिम्मेदारी समिति को अपने स्तर पर देखनी होगी। भविष्य में बजट वृद्धि के लिए आयोजन की आवश्यकताओं, वास्तविक व्यय और अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों का स्पष्ट विवरण प्रस्तुत करते हुए सरकार के समक्ष ठोस प्रस्ताव रखा जाएगा।
आदिवासी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है मुड़मा जतरा
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आदिवासी-मूलवासी समाज ने अपनी परंपराओं, मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित रखा है। 40 पड़हा मुड़मा जतरा इसी ऐतिहासिक परंपरा, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। ऐसे आयोजनों का संरक्षण और संवर्धन केवल समाज ही नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन की भी साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने झारखंडवासियों से अपील की कि वे हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बड़ी संख्या में मुड़मा जतरा में शामिल हों और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं समृद्ध बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस, संबंधित विभागों और जतरा समिति के आपसी समन्वय से आयोजन को भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक, रांची के अनुमंडल पदाधिकारी, खलारी एवं बेड़ो के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी), मांडर, चान्हो, बेड़ो, इटकी एवं बुढ़मू के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) एवं अंचलाधिकारी (सीओ) सहित पेयजल, बिजली और अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।



