गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। बगोदर के सरिया रोड स्थित विवेकनगर में एक नवनिर्मित दो मंजिला मकान में कथित तौर पर चल रही अंग्रेजी शराब की मिनी फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। करीब चार घंटे तक चली छापेमारी में लगभग 80 लाख रुपये की शराब और उसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए गए। हालांकि, मौके से किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री का संचालक छापेमारी के दौरान फरार हो गया।
छापेमारी का नेतृत्व एसडीपीओ धनंजय कुमार राम ने किया। उन्होंने बताया कि विवेकनगर स्थित नंदू साव के नवनिर्मित मकान के अलग-अलग कमरों में कार्टून में पैक अंग्रेजी शराब की बोतलें रखी थीं। तलाशी के दौरान टीम को भारी मात्रा में शराब और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण मिले। जब्त सामान को तीन पिकअप वैन में लादकर वहां से ले जाया गया।
दूसरे राज्यों में शराब सप्लाई होने की आशंका
एसडीपीओ धनंजय कुमार राम के मुताबिक, शुरुआती जांच में आशंका है कि इस जगह पर अवैध तरीके से अंग्रेजी शराब तैयार की जाती थी और फिर दूसरे राज्यों में इसकी सप्लाई होती थी। हालांकि, इस कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं और शराब कहां-कहां भेजी जाती थी, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब बनाने के काम में किन लोगों की भूमिका थी और सप्लाई का नेटवर्क कितना बड़ा है।
त्योहारों में जहरीली शराब का खतरा
उत्पाद अधीक्षक शिव कुमार साहू ने इस कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान अवैध शराब का निर्माण और बिक्री लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
उन्होंने बताया कि गैरकानूनी तरीके से तैयार की गई शराब में हानिकारक पदार्थ होने की आशंका रहती है। ऐसी शराब के सेवन से लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
शिव कुमार साहू ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ उत्पाद विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
छापेमारी में कई अधिकारी रहे शामिल
इस संयुक्त अभियान में उत्पाद विभाग के अधिकारी सुमितेष कुमार, महेश कुमार दास, रविरंजन और लक्ष्मण महतो शामिल थे। इनके अलावा बगोदर थाना प्रभारी राजेश कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक आनंद कच्छप, पुलिस अवर निरीक्षक अभिषेक कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों ने भी कार्रवाई में हिस्सा लिया।
फिलहाल, जब्त शराब और उपकरणों के मामले में जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित मिनी फैक्ट्री का संचालन कौन कर रहा था और शराब की सप्लाई किन इलाकों में की जाती थी।




