खूंटी : खेती-बारी के जरिए अपना रोजगार शुरू करने की चाह रखने वाले खूंटी के 29 युवाओं का 12 दिन का प्रशिक्षण आज यानी शनिवार को पूरा हो गया। बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), खूंटी में सिल्दा और कालमाटी गांव के युवाओं को सब्जी की खेती और नर्सरी तैयार करने के तरीके सिखाए गए। यह प्रशिक्षण 29 सितंबर से शुरू हुआ था। इसमें युवाओं को खेती की नई तकनीकों के साथ अपना काम शुरू करने और उसे चलाने की जानकारी भी दी गई।
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युवाओं को सिखाए गए जरूरी खेती गुण
प्रशिक्षण के दौरान लातेहार से आए मुख्य प्रशिक्षक हरेन्द्र कुमार ने युवाओं को खेती के कई जरूरी गुण सिखाए। उन्होंने बताया कि पौधे कैसे लगाए जाते हैं, सब्जियों की रोपाई कब और किस तरीके से करनी चाहिए और खेतों में टपक सिंचाई यानी ड्रिप इरीगेशन का इस्तेमाल कैसे किया जाता है। इसके अलावा युवाओं को मधुमक्खी पालन, उन्नत किस्म के बीजों के इस्तेमाल और जैविक खाद व कम्पोस्ट तैयार करने के तरीके भी बताए गए। फसलों को कीटों और मौसम की मार से बचाने के व्यावहारिक तरीके भी सिखाए गए। आरसेटी के वरिष्ठ संकाय एवं फैसिलेटर सुशील कुमार ने युवाओं को खेती को कारोबार के रूप में आगे बढ़ाने की जानकारी दी। उन्होंने बाजार में अपनी उपज बेचने, कारोबार का प्रबंधन करने, सफल उद्यमी बनने के गुणों और बैंकिंग सुविधाओं के बारे में बताया।
अक्टूबर से दिसंबर तक शुरू होंगे नए प्रशिक्षण
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को अपना रोजगार शुरू करने के लिए बैंक की अलग-अलग ऋण योजनाओं से जोड़ने की पहल की जाएगी। इसमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शिशु, किशोर और तरुण श्रेणियां भी शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान सभी युवाओं से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण के आवेदन भी भरवाए गए। प्रशिक्षण पूरा होने पर आयोजित समापन समारोह में आरसेटी के निदेशक बसंत कुमार हजाम और वरिष्ठ संकाय सुशील कुमार ने सभी 29 सफल प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र दिए। दोनों ने युवाओं को प्रशिक्षण में सीखी गई बातों का इस्तेमाल कर खेती से जुड़ा अपना काम शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। आरसेटी के निदेशक बसंत कुमार हजाम ने बताया कि संस्थान में अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में नए निःशुल्क प्रशिक्षण बैच शुरू किए जाएंगे। इनमें महिला दर्जी, सुकर पालन और मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।




