रांची : आगामी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने को लेकर डीसी मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में 10 सितंबर को समाहरणालय स्थित सभागार में बैठक हुई। इसमें गणेश चतुर्थी, करम पर्व, दुर्गापूजा, दीपावली, छठ और काली पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, विसर्जन और आमजनों की सुविधा को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में सिटी एसपी नगर पारस राणा, रूरल एसपी गौरव गोस्वामी, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह, SDPO सदर कुमार रजत, प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण, अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) धनंजय, नजारत उपसमाहर्त्ता सुदेश कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उर्वशी पाण्डेय सहित बिजली विभाग, नगर निगम, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि पर्व-त्योहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जाएं, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को पूजा समितियों के साथ समन्वय कर आयोजन से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।
पंडाल निर्माण और विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर
डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी पूजा समितियों को पंडाल निर्माण के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। पंडाल इस तरह बनाए जाने को कहा गया कि श्रद्धालुओं के आवागमन में बाधा न हो और आपात स्थिति में लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए पर्याप्त रास्ता उपलब्ध रहे।
अग्निशमन विभाग को पंडालों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच करने का निर्देश दिया गया। प्रवेश और निकास मार्ग, आपातकालीन निकासी, विद्युत वायरिंग और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बिजली के खंभे, ट्रांसफॉर्मर या अन्य विद्युत संरचनाओं से सटाकर पंडाल अथवा तोरण द्वार का निर्माण किसी भी परिस्थिति में नहीं किया जाए। बिजली विभाग को पूजा समितियों के साथ समन्वय कर इसका अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया।
पूजा स्थलों पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत विद्युत कनेक्शन और स्वीकृत लोड लेने को कहा गया। डेकोरेशन और रोशनी के लिए नंगे तारों का इस्तेमाल नहीं करने तथा खुले और असुरक्षित विद्युत तारों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया।
विसर्जन में वाहनों की जांच और नो-एल्कोहोल टेस्ट जरूरी
विसर्जन व्यवस्था की समीक्षा के दौरान सभी पूजा समितियों को संबंधित थाना और प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ समन्वय कर पूर्व निर्धारित विसर्जन रूट का ही इस्तेमाल करने को कहा गया। भीड़ नियंत्रण, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
विसर्जन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की एमवीआई जांच, चालक के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच और नो-एल्कोहोल टेस्ट कराने के बाद ही वाहनों के उपयोग का निर्देश दिया गया। इस संबंध में पूजा समितियों से आवश्यक अंडरटेकिंग लेने को भी कहा गया।
अग्निशमन विभाग को प्रमुख पूजा स्थलों का निरीक्षण करने और पंडालों में अग्निशमन उपकरण, विद्युत वायरिंग तथा आपातकालीन निकासी व्यवस्था की जांच करने का निर्देश दिया गया। पूजा समितियों के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों को प्राथमिक अग्नि सुरक्षा तथा आपात स्थिति में भीड़ नियंत्रण की जानकारी देने को कहा गया।
करम पर्व और छठ को लेकर विशेष व्यवस्था
करम पर्व के दौरान तालाबों और अन्य पूजा स्थलों पर संभावित भीड़ को देखते हुए नगर निगम के पदाधिकारियों को संबंधित तालाबों का पूर्व निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। तालाबों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के साथ जरूरत के अनुसार क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
तालाबों के आसपास पर्याप्त रोशनी, सुरक्षित आवागमन और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था करने के साथ करमा पर्व समितियों के साथ बैठक कर उनकी आवश्यकताओं और जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया।
छठ पर्व को लेकर सभी तालाबों और छठ घाटों की समय पर साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया। घाटों पर पर्याप्त प्रकाश, स्वच्छता, सुरक्षित पहुंच मार्ग और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने वाले घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा गया।
दीपावली में यातायात और पटाखों की बिक्री पर निगरानी
दीपावली के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश पुलिस अधीक्षक यातायात को दिया गया।
पटाखों को लेकर निर्धारित गाइडलाइंस का पालन कराने, प्रतिबंधित या असुरक्षित पटाखों की बिक्री और उपयोग पर निगरानी रखने तथा संबंधित विभागों को आवश्यक निरीक्षण और कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
दीपावली के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी को नियमित निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
युवाओं को पूजा समितियों से जोड़ने का निर्देश
उपायुक्त ने पूजा समितियों से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने का निर्देश दिया। प्रशासन और पूजा समितियों के बीच समन्वय के लिए बनाए गए व्हाट्सऐप ग्रुप में संबंधित पदाधिकारियों और समिति के सदस्यों को सक्रिय रहने तथा महत्वपूर्ण सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट कहा कि आमजनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी, विद्युत सुरक्षा में लापरवाही, असुरक्षित पंडाल निर्माण या विसर्जन के दौरान नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी पूजा समितियों, प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारियों से आपसी समन्वय और सहयोग के साथ पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की अपील की गई।





