गिरिडीह : सीसीएल (CCL) गिरिडीह कोलियरी के कबरीबाद माइंस से सटे चिलगा (टोला कबरीबाद) गांव के ग्रामीण इन दिनों दोहरी समस्या से जूझ रहे हैं। गांव के बगल में एक ओर जहां आए दिन जमीन धंसने की घटनाएं हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर माइंस में होने वाली हैवी ब्लास्टिंग से उड़कर आ रहे पत्थर लोगों की जिंदगी के लिए खतरा बन चुके हैं। गांव के बगल से गुजरी पथ निर्माण विभाग की सड़क के पास हर साल गोफ (जमीन में बना गहरा गड्ढा) बन जाता है। माइंस में होने वाले विस्फोटों के झटकों से गांव के कई मकानों में गहरी दरारें आ चुकी हैं।
Read More : रांची पुलिस में 459 जवानों का ट्रांसफर, कई थानों में बदली तैनाती
‘घर पर गिरा पत्थर का टुकड़ा, बाल-बाल बची पत्नी’
स्थानीय ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर भारी खौफ है। ग्रामीण टिंकू यादव ने बताया कि जमीन धंसने से हर वक्त अनहोनी का डर लगा रहता है। उन्होंने बताया कि अभी दो दिन पहले ही ब्लास्टिंग के दौरान एक बड़ा पत्थर सीधे उनके घर पर आ गिरा, गनीमत यह रही कि उस वक्त किसी की जान नहीं गई। वहीं मनोज यादव ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि ब्लास्टिंग के दौरान उड़े पत्थर का टुकड़ा उनके घर पर आ गिरा था, जिसमें उनकी पत्नी बाल-बाल बचीं। ग्रामीण अजीत कुमार यादव ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इसी माइंस के कारण उनके पिता की जान चली गई, लेकिन इसके बावजूद गांव को न तो सुविधाएं मिलीं और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। वहीं सूरज यादव ने मांग की कि प्रबंधन को ब्लास्टिंग इस तरह करानी चाहिए जिससे किसी को जान-माल का नुकसान न हो।
बारिश के कारण छिटका पत्थर: ब्लास्टिंग इंचार्ज
मामले पर कबरीबाद के ब्लास्टिंग इंचार्ज संजीव कुमार ने बताया कि टीम की ओर से ब्लास्टिंग के वक्त पूरी सुरक्षा बरती जाती है। प्रक्रिया के तहत पहले सायरन बजाया जाता है, सड़क किनारे सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाते हैं और गश्त भी की जाती है। उन्होंने स्वीकार किया कि दो दिन पहले हुई ब्लास्टिंग के दौरान एक-दो पत्थर छिटक कर गांव की तरफ चले गए थे, लेकिन इसकी वजह बारिश थी। उन्होंने कहा कि माइंस में रोजाना नियमानुसार ही ब्लास्टिंग कराई जाती है।
अवैध खनन ने खोखली कर दी है जमीन
बताया जाता है कि जिस क्षेत्र में लगातार जमीन धंसने की घटनाएं हो रही हैं, उस इलाके को कोयला माफियाओं ने अवैध खनन कर पूरी तरह खोखला कर दिया है। जमीन के नीचे सैकड़ों मीटर लंबी अवैध सुरंगें बनी हुई हैं, जिस वजह से बारिश और प्राकृतिक दबाव के कारण आए दिन धसान की स्थिति उत्पन्न होती है।






