रांची : 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े और अनियमितता के मामले में झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव और पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते समेत पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर मंगलवार को रांची सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान आरोपियों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 1 सितंबर की तारीख तय की है।
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CID ने कोर्ट में पेश की केस डायरी
एल. ख्यांगते के अलावा अभय कुमार तिवारी, श्वेता गुप्ता, सुमन सौरव और उमेश कुमार की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई हुई। इस दौरान CID ने अदालत में केस डायरी पेश की। वरिष्ठ अधिवक्ता संजय कुमार के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने केस डायरी देखने और अपना जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से कुछ और समय मांगा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 1 सितंबर की तारीख निर्धारित की।
10 अगस्त को हुई थी एल. ख्यांगते की गिरफ्तारी
14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच CID कर रही है। जांच के दौरान CID ने 10 अगस्त को JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते को गिरफ्तार किया था। इससे पहले 22 जुलाई को अभय कुमार तिवारी को गोड्डा से गिरफ्तार किया गया था। वह गोड्डा में खाद्य आपूर्ति विभाग में तैनात थे। जांच में उनके TDPL से जुड़े होने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि TDPL में रहने के दौरान उन्होंने चार बार JPSC की परीक्षा पास की थी। श्वेता गुप्ता JPSC में उप परीक्षा नियंत्रक के पद पर काम कर रही थीं। जांच के मुताबिक, दूसरे विभाग में तबादला होने के बाद भी वह करीब दो महीने तक JPSC में बनी रही थीं।
JPSC कार्यालय में भी हुई थी छापेमारी
14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर CID ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है। 21 जुलाई को रांची पुलिस और CID की टीम ने JPSC कार्यालय में छापेमारी की थी। इस दौरान जांच टीम ने कई दस्तावेजों और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की थी। मामले में अब तक एल. ख्यांगते समेत दो दर्जन से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। CID पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आ रहे तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।




